कायरता एक प्रकार की कमजोर दिली है ।यह एक प्रकार का भय है।
एक कायर व्यक्ति जन-क्रियाओं और किसी भी साहसिक कार्य के लिये
योग्य नहीं होता। वह अपनी जिन्दगी मे कभी भी सफल व्यक्ति नही बन
सकता। वह अपने बडों से कभी भी निडरता से बात नही कर सकता।
वह अपने ग्राहकों से भी निडरता से बात नहीं कर सकता। वह जनता के
विचारों से डरता है। इससे उसकी उन्नति रुकती है और सफलता मे बाधा
आती है। कायरता को साहस विकसित करके ही दूर किया जा सकता है।
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