मछली खाइए मधुमेह भगाइए. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 13 नवंबर 2011

मछली खाइए मधुमेह भगाइए.

मधुमेह से बचना है तो मछली को आहार में शामिल कीजिए। यह बात स्पेन के वासियों की आहार आदतों को आधार बनाकर किए गए अध्ययन में सामने आई। वैलेंसिया विश्वविद्यालय के मर्सीडीज सोटोस प्रिएटो ने इस विषय पर अध्ययन किया जिसमें 55 से 80 वर्ष की उम्र के ऐसे 945 पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया जिनमें हृदय से जुड़े रोगों की आशंका ज्यादा थी। शोध में पाया गया कि मछली के सेवन से मधुमेह का खतरा कम हो गया।

'न्युट्रिशियन हॉस्पीटैलेरिया' जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक लाल मांस ज्यादा खाने से दिल की बीमारियों, उच्च रक्तचाप, मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा कैंसर अथवा हृदय की बीमारी के कारण प्रत्याशित जीवन में भी कुछ कमी आती है। विश्वविद्यालय के एक बयान के मुताबिक लाल मांस के विपरीत भूमध्य सागर के पास रहने वाले लोग भोजन में मुख्यतया मछली का इस्तेमाल करते हैं जो ह्दय के लिए फायदेमंद है। शोधकर्ताओं ने मछली के सेवन और मधुमेह के बीच सम्बंध बनाने के लिए विविध अनुमान व्यक्त किए हैं। शोधकार्ताओं ने निष्कर्ष में पाया कि मछली खाने से मांसपेशियों की कोशिकाओं में 'ओमेगा-3' बढ़ने से इंसूलिन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है जिसके कारण मधुमेह का खतरा कम हो जाता है।

1 टिप्पणी:

Udan Tashtari ने कहा…

अच्छी जानकारी..