राज्‍य में नेतृत्‍व परिवर्तन नहीं : गडकरी

शुक्रवार, फ़रवरी 24, 2012

कर्नाटक में भाजपा सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार सुबह पार्टी अध्‍यक्ष नितिन गडकरी से मुलाकात की। यह मुलाकात चिंतन बैठक शुरू होने से पहले एक होटल में हुई।   येदियुरप्‍पा ने बागी रुख अख्तियार कर लिया है। उन्‍होंने गुरुवार को पार्टी को अल्टीमेटम दे दिया है। हालांकि गडकरी ने इसे मानने से इनकार करते हुए कहा है कि राज्‍य में नेतृत्‍व परिवर्तन नहीं होगा। 

मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा और भाजपा नेता अनंत कुमार भी गडकरी से मिलने होटल पहुंचे। गौड़ा के पक्ष में भी विधायक लामबंद होने लगे हैं। कर्नाटक के भाजपा विधायक शंकरलिंगे गौड़ा ने कहा कि सदानंद गौड़ा को सीएम पद पर बने रहना चाहिए। वह स्वच्छ छवि वाले नेता है। येदियुरप्पा ने  27 फरवरी तक उन्‍हें मुख्‍यमंत्री बनाए जाने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर अपना अगला कदम तय करने की धमकी भी दी है। उनके करीबी सूत्रों ने यह जानकारी दी। आलाकमान उन्‍हें समझाने में लगा है। 

गुरुवार को येदियुरप्‍पा ने पार्टी विधायकों को अपने घर दोपहर के भोजन पर बुलाया। इसमें अच्छी तादाद में विधायक, विधान परिषद सदस्य और मंत्री पहुंचे। हालांकि कुछ देर के लिए बैठक में पहुंचे मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने अल्टीमेटम और नेतृत्व परिवर्तन की बातों को बेबुनियाद बताया। येदियुरप्पा का यह कदम पार्टी हाईकमान पर दबाव बनाने की उनकी कोशिशों के तहत ही देखा जा रहा है। वे दोबारा मुख्यमंत्री पद या संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हासिल करने की जुगत में हैं।   

गुरुवार शाम को ही पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी बेंगलुरू पहुंचे हैं। शुक्रवार से राज्य के पार्टी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की मंथन बैठक शुरू हो रही है। गडकरी इसकी अध्यक्षता करेंगे। गडकरी के आने से पहले येदियुरप्पा के घर हुए आयोजन में मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा भी पहुंचे। लेकिन ये दोनों नेता जल्दी ही वहां से निकल गए। गृह मंत्री आर. अशोक और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार काफी देर तक येदियुरप्पा के कार्यक्रम में रहे। 

शेट्टार व अशोक दोनों उस वक्त येदियुरप्पा के विरोध में थे जब उन्होंने मुख्यमंत्री के तौर पर गौड़ा का समर्थन किया था। इस बैठक के बाद ईश्वरप्पा ने मीडिया को बताया, 'हमने ताजा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। उडुपी-चिकमंगलूर लोकसभा के लिए होने वाले उपचुनाव की रणनीति पर भी बात हुई। हालांकि उन्होंने यह माना कि कुछ समस्याएं हैं। साथ में जोड़ा कि इन्हें एक-दो दिन में सुलझा लिया जाएगा।

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