टीम अन्ना की बैठक में जोरदार हंगामा. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 22 अप्रैल 2012

टीम अन्ना की बैठक में जोरदार हंगामा.


टीम अन्ना की कोर कमेटी की बैठक में जोरदार हंगामा हुआ. बैठक के बाद मुफ्ती शमीन काजमी ने कोर कमेटी से त्यागपत्र दे दिया. दूसरी ओर रामदेव के साथ आंदोलन करने के मुद्दे पर भी टीम अन्‍ना दो तरफ बंटती नजर आई. टीम अन्‍ना सूत्रों के मुताबिक, अब रामदेव के साथ 3 जून से आंदोलन नहीं होगा. इस तरह भ्रष्‍टाचार के खिलाफ आंदोलन एक बार फिर कमजोर पड़ता नजर आ रहा है. 

टीम अन्ना ने कहा कि मुफ्ती शमीन काजमी बैठक की कार्यवाही की मोबाइल फोन से ‘ऑडियो रिकार्डिंग’ करके उसे बाहर भेज रहे थे, जिसके बाद उन्हें निष्कासित कर दिया गया.अन्ना हजारे और बाबा रामदेव द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलनों में एक-दूसरे का समर्थन करने के फैसले के बाद भी रामदेव द्वारा एकतरफा तरीके से फैसले लिये जाने से असहमति की खबरों के बीच टीम अन्ना के सदस्यों ने नोएडा में आगे की रणनीति पर चर्चा की.

अन्‍ना हजारे की मौजूदगी में हुई बैठक में अरविंद केजरीवाल, शांति भूषण, प्रशांत भूषण और किरण बेदी भी शामिल हुए. टीम अन्ना ने इस बात पर नाखुशी प्रकट की है कि बाबा रामदेव ने दो दिन पहले अन्‍ना हजारे की जानकारी के बिना उनके साथ एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया. इन्हीं खबरों की पृष्ठभूमि में बैठक हुई. सूत्रों का कहना है कि टीम अन्ना के कुछ सदस्य रामदेव के साथ संयुक्त आंदोलन चलाने के पक्ष में नहीं है. इन सदस्यों का कहना है कि बाबा के सामने साख का संकट है, क्योंकि वह अनेक मामलों का सामना कर रहे हैं. हालांकि ये सदस्य रामदेव के आंदोलनों का समर्थन करने के खिलाफ नहीं हैं.

टीम अन्ना ने लोकपाल पर भी अपनी भविष्य की रणनीति के बारे में चर्चा की. सरकार राज्यसभा में लोकपाल विधेयक को ला सकती है. दो दिन पहले गुड़गांव में एक संवाददाता सम्मेलन में अन्‍ना हजारे और रामदेव ने एक मई से सिलसिलेवार आंदोलन शुरू करने की घोषणा की थी. इसके बाद तीन जून को जंतर-मंतर पर संयुक्त अनशन की योजना थी. अन्‍ना हजारे एक मई को शिरडी से अपने अभियान की शुरुआत कर सकते हैं, वहीं रामदेव छत्तीसगढ़ के दुर्ग से यात्रा प्रारंभ करेंगे.

1 टिप्पणी:

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

अन्ना हज़ारे से अन्ना बेचारे बनते जा रहे हैं अण्णा. केवल कुछ लोगों के ग़लत फ़ैसलों के कारण.