योग गुरु रामदेव ने भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर रामलीला मैदान पर फिर अपना अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया है। बाबा रामदेव ने अनशन शुरू करते हुए सरकार के खिलाफ इस बार निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया। पिछले साल जून में इसी मैदान पर रामदेव के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में एक महिला की मौत हो गई थी। पिछली बार की कड़वी यादों से उबरने के अलावा इस बार अपने आंदोलन को अंजाम तक पहुंचाना रामदेव के लिए एक चुनौती होगी। रामदेव के आंदोलन में अन्ना हजारे नहीं आएंगे।
बाबा रामदेव ने रामलीला मैदान के मंच से अपने भाषण में कहा कि उनके आंदोलन में सभी राजनीतिक दलों का भी स्वागत है। उनका किसी दल से बैर नहीं। उनका आंदोलन किसी व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार अगरी उनकी मांगें मान लेती हैं तो वह उसका सम्मान करने के लिए तैयार हैं। हरीश रावत के बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे खुले बयान पर रामदेव ने कहा कि उनके दरवाजे भी सरकार और 'माता' सोनिया गांधी के लिए खुले हैं।
रामदेव ने कहा कि वह अन्ना हजारे के साथ हैं, लेकिन टीम के बारे में कुछ कहकर वह विवाद खड़ा नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि वह अन्ना हजारे के सामाजिक एजेंडे का समर्थन करते हैं।

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