कर्नाटक में चार दिन पुरानी सिद्दारमैय्या सरकार में दागियों को बाहर रखने के मद्देनजर शनिवार को 29 नए मंत्री शामिल किए जाएंगे। राज्य में सात साल बाद कांग्रेस को वापसी कराते हुए सिद्धारमैय्या ने 13 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री पद को मंत्रिमंडल में शामिल करने की संभावना को खारिज कर दिया।
दिल्ली से लौटने के बाद मैसूर के जिला मुख्यालय में 64 वर्षीय मुख्यमंत्री ने बताया कि शनिवार को राजभवन में सभी 29 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे।
दिल्ली में ही सेंट्रल लीडरशिप के साथ मिलकर इन मंत्रियों की सूची तैयार हुई है। 224 सदस्यों वाली विधानसभा में सिद्धारमैय्या अपने कैबिनेट में 33 मंत्री शामिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि गवर्नर एचआर भारद्वाज की मौजूदगी में सुबह साढ़े दस बजे शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित होगा।
कांग्रेस के एक सेक्शन और स्वतंत्रता सेनानी एचएस डोरेस्वामी ने पार्टी लीडरशिप के सामने मजबूती से यह बात रखी थी कि कैबिनेट में उन विधायकों को शामिल नहीं किया जाए, जो खनन घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे हुए हैं। इसी संबंध में पार्टी सूत्रों ने बताया कि अनिल और संतोष दोनों भाइयों को मंत्रिमंडल में संभवत: जगह नहीं मिलेगी। इसी तरह पूर्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवा कुमार को भी किनारे किया जा सकता है।
सिद्धारमैय्या ने कहा कि उनके मंत्रिमंडल में किसी भी ऐसे व्यक्ति को शामिल नहीं किया जाएगा, जिन पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज है। कैबिनेट का विस्तार क्षेत्र और सामाजिक न्याय के आधार पर ही किया जाएगा। इस बीच उन्होंने यह भी बताया कि शिमोगा जिले के सगारा से विधायक कागोडू थिमप्पा को स्पीकर बनाया जा सकता है। हालांकि यह माना जा रहा है कि उन्होंने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया है।
सिद्धारमैय्या ने यह भी साफ कर दिया कि कैबिनेट में उप मुख्यमंत्री पद नहीं होगा। इस पद पर विधानसभा चुनाव हारने वाले प्रदेश अध्यक्ष जी परमेश्वर और सीनियर एमएलए टीबी जयचंद्र की निगाहें थीं। सूत्रों का कहना है कि परमेश्वर को फिर से प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है।

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