उत्तराखंड में फंसे हैं बिहार के 300 तीर्थयात्री - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 20 जून 2013

उत्तराखंड में फंसे हैं बिहार के 300 तीर्थयात्री


उत्तराखंड के केदारनाथ की यात्रा पर गए बिहार के विभिन्न जिलों के करीब 300 यात्री वहां हुई भीषण बारिश और भूस्खलन के कारण अभी भी अलग-अलग जगहों में फंसे हुए हैं। इस आपदा में फंसे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अश्विनी चौबे को उनके परिवार के साथ बचा लिया गया है लेकिन उनके दो रिश्तेदारों की इस हादसे में मौत हो गई है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, राज्य के करीब 300 यात्री विभिन्न इलाके में फंसे हुए हैं। इसमें मुजफ्फरपुर के 58, भागलपुर के 20, सहरसा के 35, गोपालगंज के 42, सारण के 30 यात्री शामिल हैं। उनके अनुसार चौबे और उनका परिवार गुप्तकाशी में सुरक्षित है लेकिन उनके साथ गए उनके रिश्तेदार सुबोध मिश्रा और उनकी पत्नी रूबी मिश्रा की मौत हो गई है जबकि उनके साथ गए पंडित, निजी सहायक और तीन सुरक्षाकर्मी का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। 

उनके एक रिश्तेदार के मुताबिक, चौबे अपने परिवार के साथ केदारनाथ मंदिर के समीप वाले धर्मशाला में ठहरे हुए थे। फिलहाल भूस्खलन में घायल हुए चौबे का इलाज गुप्तकाशी के एक निजी स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। उनके आज देहरादून पहुंचने की सम्भावना है। 

इधर, राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री रेणु कुशवाहा ने गुरुवार को बताया कि राज्य सरकार लगातर उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन विभाग के सम्पर्क में है तथा फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान में लाने और इसके बाद बिहार वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है। 

कोई टिप्पणी नहीं: