ढूंढ निकालूंगी टैगोर के चोरी हुए नोबेल पदक को : ममता - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 5 अगस्त 2016

ढूंढ निकालूंगी टैगोर के चोरी हुए नोबेल पदक को : ममता

बोलपुर 04 अगस्त, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कहा यदि अवसर मिले तो जांच कर वह गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के चोरी हुए नोबेल पुरस्कार के पदक को ढूंढ सकती हैं। 


शांतिनिकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय के लिपिका सभागार में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुश्री बनर्जी ने कहा कि सीबीआई गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के नोबेल पुरस्कार के पदक की चोरी की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि अवसर मिले तो जांच कर वह गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के चोरी हुए नोबेल पुरस्कार के पदक को ढूंढ सकती हैं। 



गौरतलब है कि सन 2004 में विश्व भारती विश्वविद्यालय के संग्रहालय से गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के नोबेल पुरस्कार पदक को चुरा लिया गया था। बारह साल बाद भी अभी तक पदक के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पाया है। 1913 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर काे उनकी रचना गीतांजलि के लिए नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था। 

कोई टिप्पणी नहीं: