परम गिल की फिल्म ‘वारियर सावित्री’ भारत में बैन

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मजहबी रंग से रंगी फिल्म ‘वारियर सावित्री’के भारत में रीलिज पर प्रतिबंध लग चुका है। फिल्म भारत और अमेरिका में 25 अगस्त को रिलीज होने वाली थी। फिल्म का निर्देशन इंडियन अमेरिकन डायरेक्टर परम गिल ने किया हैं। चर्चा है  की फिल्म‘वारियर सावित्री’ में हिन्दू देवी को 21 वीं सदी की मॉडर्न औरत दिखाने के कारण ही रिलीज पर काले बादल मंडराने लगे है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रायपुर और देश के अलग अलग हिस्सो में परम गिल पर धार्मिक भावनाओं पर ठेस पहुंचाते हुए उनके पुतले जलाए भी गए है। परम गिल ने सावित्री को 21 वीं सदी की एक मजबूत और एम्पावर्ड महिला के रूप में चित्रित किया है। युट्युब पर जो फिल्म का ट्रेलर मौजूद है उसमे सावित्री को अपने दुश्मनांे का मुकाबला करने के लिए मार्शल आर्ट्स करते हुए दिखाया गया हैं।     फिल्म में निहारिका रायजादा ने सावित्री का रोल प्ले किया है निहारिका को फिल्म में इंटिमेट सीन करते भी दिखाया गया है। उसे फिल्म में सेक्सी कपड़े जैसे छोटे शॉर्ट्स और स्टाइलाइज्ड टॉप्स में दिखाया गया हैं। 

फिल्म लासवेगास में सेट है जिसमे ओमपुरी,लूसी पिंडर ,रजत बरमेचा और गुलशन ग्रोवर हैं। गिल ने एक एजेंसी को बताया कि 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया गैंग रेप से वह प्रेरित हुए जिसमे निर्भया की मौत हो गई थी। उन्होंने आगे कहा कि मैंने सोचा कि आजके हालात में औरतों को अपनी हिफाजत के लिए मार्शल आर्ट सीखने और खुद को मजबूत बनाने की जरूरत है। गिल ने यह भी कहा कि फिल्म की रिलीज के मौके पर वह इंडिया जाने से डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म को बैन करने के लिए उनके पास कई भारतीय संगठनों के पत्र आ रहे हैं। गिल ने कहा कि देश भर में असहिष्णुता का एक आम पैटर्न है। लूसी पिंडर ने बताया‘ मैं लॉस एंजेल्स से मुम्बई आने के लिए एयरपोर्ट पर तैयार थी तभी मेरे पास निर्माता का फोन आया और उन्होंने मुझे फिल्म से सम्बन्धित विवाद के बारे में बताया और सेक्युरिटी के कारणों से मुझे मुम्बई न आने का मशविरा दिया। मैं समझती हूँ कि इंडिया एक बेहद इन्टॉलेरेंट देश बन गया है। मैं बड़ी निराश महसूस कर रही हूँ कि मैं अपनी पहली फिल्म को प्रोमोट करने के लिए इंडिया नहीं आ सकती। ’

 परम गिल ने कहा कि ’ मैंने अपनी पूरी जिन्दगी हॉलीवुड में काम किया लेकिन मेरा जन्म इंडिया में हुआ है इसलिए यह देश मेरी धड़कनो में है। मैं अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘वारियर सावित्री’को प्रोमोट करने के लिए भारत आने को लेकर बहुत उत्साहित था लेकिन निर्माताओं ने मुझे यहाँ आने से रोका। फिल्म को बैन करने के लिए पूरे देश में विरोध किए गए और मेरे पुतले जलाये गए। मैं विरोधियों और प्रोटेस्ट करने वालों से अनुरोध करता हूँ कि वे सब मुम्बई में फिल्म की एक स्पेशल स्क्रीनिंग देखें। मुझे विश्वास है कि वह फिल्म में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं पाएंगे बल्कि वे सब इंस्पायर्ड महसूस करेंगे।
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