बिहार में आवास बोर्ड की संपदाओं की फ्री होल्ड राशि पर ही लगेगा निबंधन शुल्क

bihar-holding-tax-on-free-hold
पटना  19 अप्रैल, बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य आवास बोर्ड की ओर से अावंटित  होने वाली संपदाओं को लीज से फ्री होल्ड (मालिकाना हक) करने के लिये तय राशि पर ही निबंधन शुल्क निर्धारित करने का फैसला किया है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि इस निर्णय के तहत बिहार राज्य आवास बोर्ड की ओर से आवंटित होने वाली संपदाओं पर मालिकाना हक हासिल करने के लिए निर्धारित संपदा के वर्तमान बाजार मूल्य की 10 प्रतिशत राशि पर ही मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क देना होगा। श्री मेहरोत्रा ने कहा कि केवल परिवर्तन शुल्क पर ही मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क लिये जाने से संपदा पर लीज की बजाय मालिकाना हक हासलि करने में आसानी होने के साथ ही राज्य सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होने की संभावना बढ़ेगी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले सप्ताह हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार राज्य आवास  बोर्ड की ओर से आवंटित एवं भविष्य में आवंटित की जाने वाली संपदाओं  को लीज-होल्ड से फ्री-होल्ड में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।


प्रधान सचिव ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार गृह रक्षा वाहिनी सेवा नियमावली 2005 के नियम आठ में संशोधन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत गृह रक्षा वाहिनी के समादेष्टा संवर्ग के अंतर्गत उप महासमादेष्टा के पद का सृजन किया गया है। श्री मेहरोत्रा ने बताया कि राजधानी पटना में चल रहे बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायक केंद्र में पहले से कार्यरत छह विशेषज्ञों की सेवाओं का वित्त वर्ष 2017-18 में विस्तार करने एवं उनके मानदेय भुगतान के लिए 32,34,000 रुपये व्यय की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत विश्व बैंक की सहायता से बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली का विकास किया जा रहा है। इससे भविष्य में बेहतर बाढ़ प्रबंधन के साथ-साथ विभाग द्वारा तटबंधों के कटाव निरोधक कार्यों पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रतिवर्ष बाढ़ से हाेने वाली क्षति को कम करने के प्रयास को भी बल मिलेगा। प्रधान सचिव ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में कुल पांच प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई ।
Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...