आरक्षण का विरोध ही भाजपा का वास्तविक चरित्र : जदयू

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पटना 16 अप्रैल, जनता दल यूनाईटेड (जदयू) ने उत्तर प्रदेश के निजी तकनीकी शिक्षक संस्थानों में पिछड़े वर्ग के आरक्षण को खत्म करने के योगी सरकार के निर्णय की आलोचना करते हुए आज कहा कि इस फैसले से आरक्षण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का वास्तविक चरित्र उजागर हो गया है। जदयू प्रवक्ता अरविन्द निषाद ने यहां कहा कि भाजपा का चरित्र ही आरक्षण विरोध का रहा है। उत्तर प्रदेश के नवनिर्वाचित योगी सरकार ने निजी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पिछड़े वर्गों का आरक्षण समाप्त करने की घोषण की है। इस निर्णय से भाजपा का वास्तविक चरित्र उजागर हो गया है। वर्ष 1977 में जननायक कर्पूरी ठाकुर की सरकार ने बिहार में पिछड़ों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की, लेकिन सरकार में शामिल जनसंघ ने कर्पूरी सरकार को गिराकर आरक्षण की धारा को कमजोर करने का प्रयास किया। मंडल आंदोलन के उभार से केन्द्र में वी.पी. सिंह के नेतृत्व में केन्द्र में सरकार बनी। तत्कालीन प्रधानमंत्री ने पिछड़ों के आरक्षण के लिए मंडल आयोग की अनुसंशाओं को लागू करते हुए पिछड़ों को आरक्षण दिया जिसके परिणामस्वरुप भाजपा ने केन्द्र से समर्थन वापस लेकर सरकार को अस्थिर कर दिया। श्री निषाद ने कहा कि नीतीश कुमार और पूर्ववर्ती राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सरकारों ने पिछले तीन दशक में पिछड़े/अतिपिछड़े वर्ग को राज्य के सरकारी नौकरी, तकनीकी शिक्षण संस्थान, पंचायती राज संस्था, पैक्स चुनाव, विभिन्न विभागों की बहाली में पिछड़े वर्गों को सभी स्तर पर आरक्षण देकर राज्य सरकार ने आरक्षण के विशेष अवसर के सिद्वांत को प्रतिपादित किया है। 

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