बिहार : बीएसएससी प्रश्नपत्र लीक मामले में दो और गिरफ्तार

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पटना 19 अप्रैल, बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) के इंटर स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में पुलिस ने दो और अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है।  वरीय पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने आज यहां बताया कि बीएसएससी की इंटर स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा से पूर्व पवन कुमार एवं उसके दो अन्य सहयोगियों को परीक्षा में कदाचार के लिए इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान इस मामले में गिरोह के अन्य अभियुक्तों कौशलेंद्र कुमार उर्फ कौशिक उर्फ गोरेलाल, अतुल सिन्हा और भोला उर्फ नितेश का नाम सामने आया था।  श्री महाराज ने बताया कि प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) इन अभिुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी क्रम में सूचना मिली कि गोरेलाल एक अन्य परीक्षा माफिया से मिलने राजधानी पटना के अगमकुआं थाना अंतर्गत कांटी फैक्ट्री के समीप आने वाला है। सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुये सादे लिबास में उपस्थित एसआईटी जवानों ने यहां पहुंचे गोरेलाल और राकेश रंजन उर्फ रॉकी को गिरफ्तार कर लिया। 


वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच दौरान यह बात सामने आई थी कि रॉकी नालंदा जिला निवासी एक पेशेवर और पुराने परीक्षा माफिया संजीव कुमार उर्फ गुरूजी का पटना जिले का मुख्य एजेंट है। बाद में रॉकी ने गोरेलाल गिरोह से जुड़कर बीएसएससी इंटर स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा के लिए कई अभ्यर्थियों से सौदा किया था। श्री महाराज ने बताया कि तलाशी के क्रम में गिरफ्तार गोरेलाल और रॉकी के पास से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किये गये हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों परीक्षा माफियाओं से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनकी निशानदेही पर इनके अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।  उल्लेखनीय है कि प्रश्नपत्र लीक कांड मामले में बीएसएससी के अध्यक्ष सुधीर कुमार एवं उनके अन्य रिश्तेदार, सचिव परमेश्वर राम सहित कई अन्य लोग जेल में बंद हैं। वहीं, इंटर स्तरीय परीक्षा का इवैल्यूएटर अनंतप्रीत बरार को भी एसआईटी की टीम ने दिल्ली से करीब एक माह पूर्व गिरफ्तार किया था। पूछताछ के क्रम में बरार ने पेपर लीक प्रकरण में कई अहम खुलासे किये हैं। बिहार से जुड़े प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए होने वाली सौदेबाजी में बरार को बड़ा शिक्षा माफिया माना जाता है। 
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