राजस्थान से मुक्त बाल-श्रमिकों का गृह-राज्य में हुयी वापसी

  • पटना 23 मई, आज सुबह करीब 9.20 में बीकानेर गुहाटी एक्सप्रेस ट्रेन से जयपुर से मुक्त कराये गए 68 बाल-श्रमिक एवं 26 गुमशुदा (निराश्रित)  बच्चे अपने घरेलु राज्य की राजधानी पटना पहुंचे. 

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मुक्त बाल-श्रमिकों में क्रमशः 19 पटना, 16 गया, 15 समस्तीपुर, 7 वैशाली, 4 कटिहार, 2 नवादा, 2 मधुबनी एवं 1 नालंदा जिले के बच्चे हैं. गुमशुदा बच्चों में क्रमशः 13 गया, 3 समस्तीपुर, 3 नालंदा, 2 सीतामढ़ी, 2 बेगुसराय, 1 नवादा एवं 1 पटना जिले के हैं. इन तमाम बच्चों के साथ जयपुर से 5 सदस्य का प्रतिनिधि मंडल में शामिल लोगों में क्रमशः अजय मेहेरदा, मोती लाल मीणा, बबन मिश्र, भगवत शर्मा एवं गुरुशेखरण के अलावा 6 सदस्यीय सुरक्षा दल प्रमुख थे. ज्ञातव्य हो की मुक्त कराये गए बाल मजदूरों को मानव-तस्करों के एजेंट के द्वारा बहला-फुसलाकर  कर बिहार से जयपुर में स्थित चूड़ी कारखाने, कालीन व् साड़ी एम्ब्रोइदरि के कारखानों में सस्ते मजदूरी दर पर लगाये गए थे, जहाँ कार्य-स्थल पर बुनियादी सुविधा भी मुकम्मल नहीं थी और 8 घंटों से ज्यादा इन बच्चों से कारखानों के मालिकों के द्वारा जबरन काम लिया जाता था. इसके अलावा इन बाल मजदूरों का शारीरिक व् मानशिक शोषण भी हो रहा था तथा इन्हें इनके कार्य के बदले उचित मजदूरी भी नहीं दिया जाता था. दूसरी ओर गुमशुदा बच्चों को मानव-तस्कर बिहार से जयपुर लेकर ट्रेन से पहुंचे तो जयपुर स्टेशन पर चाइल्ड लाइन के द्वारा पकडे गए थे.  


इस पुरे मुहिम व् बाल-श्रमिकों को मुक्त कराने में एक्शनएड के राजस्थान में कार्यरत सहयोगी संगठन “राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण साझा अभियान” के विजय गोयल एवं उनके साथियों की अहम् भूमिका है, जो बाल अधिकार एवं बाल-श्रमिक उन्मूलन अभियान के लिए संकल्पित एवं सम्पर्पित हैं. दूसरी ओर एक्शनएड बिहार के प्रतिनिधि पंकज श्वेताभ एवं बिहार में कार्यरत सहयोगी जन-संगठन “असंगठित क्षेत्र कामगार संगठन” के राज्य संयोजक विजय कांत एवं अन्य साथी लाल मोहन रॉय (बाल अधिकार फोरम), अजय कुमार, अभिषेक कुमार, अधिवक्ता धनञ्जय कुमार एवं अन्य सभी मुक्त बाल-श्रमिकों एवं बंधुआ मजदूरों को पुनार्वषित करने हेतु संकप्लित एवं सम्पर्पित हैं. 
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