फर्जी प्रमाण पत्र से बालिग को नाबालिग बनाने का गोरखधंधा करनेवाला गिरफ्तार

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पटना 24 मई, बिहार में प्रतियोगिता परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कराने से लेकर पैसे के बल पर परीक्षा में सेटिंग कर नौकरी दिलाने का गोरखधंधा करने वाले गिरोहों का भंडाफोड़ करने वाली पटना पुलिस ने अब एक ऐसे मामले का खुलासा किया है जिसमें मान्यता रद्द हो चुके स्कूल के प्रधानाध्यापक ने फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर वैसे बालिगों को नाबालिग बनाने में मदद की जिन पर हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं। वरीय पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने आज यहां बताया कि राज्य सरकार से मान्यता समाप्त हो चुके ओम शिव पार्वती शांति निकेतन विद्यालय का प्रधानाध्यापक बताने वाले भवानी शंकर के बारे में सूचना मिली थी कि वह मोटी रकम लेकर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, विद्यालय प्रमाण पत्र, आय, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा चला रहा है। फर्जीवाड़े का खुलासा करने एवं इस गोरखधंधे में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। श्री महाराज ने बताया कि अनुसंधन के क्रम में टीम को पता चला कि वर्ष 2015 में इंजीनियरिंग कॉलेज बीआईटी मेसरा के एक छात्र की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के अभियुक्त रवि कुमार को भवानी शंकर ने ही नाबालिग का प्रमाण पत्र बनाकर दिया था। इसके बाद भवानी के बारे में और सूचनाएं जुटाई जाने लगी। इस क्रम में पता चला कि वह अपने विद्यालय में किसी व्यक्ति का फर्जी प्रमाण पत्र बना रहा है। 


वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुये पुलिस टीम ने विद्यालय परिसर का घेराव कर भवानी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी किये जाने पर उसके पास से भारी संख्या में फर्जी जन्म, आवासीय, जाति प्रमाण पत्र, विभिन्न स्कूल कॉलेजों की मुहर के साथ ही तीन डायरी बरामद की गई। डायरी में उन लोगों विस्तृत विवरण उपलब्ध हैं, जिन्हें भवानी ने फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर दिये हैं। श्री महाराज ने कहा कि पूछताछ के दौरान भवानी ने स्वीकार किया कि उसने ही मेसरा छात्र हत्याकांड के अभियुक्त रवि कुमार को फर्जी प्रमाण देकर नाबालिग बनाया था। इसके अलावा उसने पिछले दिनों राजधानी पटना के बेऊर थाना क्षेत्र अंतर्गत मार्बल व्यवसायी की हत्या के अभियुक्त रंजीत कुमार को भी उसने नाबालिग होने का फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर दिया था। वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तकनीकी अनुसंधान एवं गहन पूछताछ में यह बात भी उजागर हुई है कि भवानी पिछले कई वर्षों से मोटी रकम लेकर हत्या, लूट और अपहरण जैसे जघन्य अपराध में शामिल अभियुक्तों को नाबालिग करार देने के लिए फर्जी स्कूल प्रमाण पत्र बनाता रहा है। 

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