दुमका : खनन नियमों की खुलकर की जा रही अवहेलना, धड़ल्ले से जारी है अवैध पत्थर खनन का कार्य

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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) उप राजधानी दुमका के प्रखंड शिकारीपाड़ा के बेनागड़िया, चितरागड़िया, पिनरगड़िया कुलकुली डंगाल, गोसाई पहाड़ी, काठपहाड़ी, रामजाम, इत्यादि क्षेत्रों में प0 बंगाल व झारखंड-प0 बंगाल सीमान्तर्गत कुछ तथाकथित अवैध पत्थर खनन कारोबारियों द्वारा वन एवं पर्यावरण व खनन नियमों की खुलकर अवहेलना की जा रही है। इतना ही नहीं एक खनन राजस्व  की भारी चोरी भी जारी है। पूरे इलाके में स्टोन डस्ट से आम-अवाम की जिन्दगी को भी तबाह किया जा रहा है। भाजपा के रानेश्वर प्रखंड अध्यक्ष, बबलू दत्ता ने डीसी, दुमका से अवैध पत्थर खनन माफियाओं के विरूद्ध कार्रवाई की माँग की थी किन्तु आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका। भाजपा के प्रखण्ड अध्यक्ष बबलू दत्ता ने कहा खनन विभाग, स्थानीय पुलिस, अंचलाधिकारी व वन विभाग की सहमति से पिछले 22 अप्रैल से अवैध पत्थर उत्खनन का गोरखधंधा लगतार जारी है। इससे पूर्व दो-तीन महीनें तक यह कारोबार पूरी तरह बंद था। श्री दत्ता के अनुसार कुलकुली डंगाल में पश्चिम बंगाल के पत्थर व्यवसायी राजीव बनर्जी द्वारा दाग संख्या 393 पर अवैध रूप से किए जा रहे पत्थर उत्खनन कार्यों के विरूद्ध दुमका के एक पूर्व विधायक व वरिष्ठ नेता कमलाकांत प्रसाद सिन्हा ने खनन सचिव, झारखंड रांची को पत्र लिखा था (जिसकी काॅपी डीसी दुमका को भी दी गई थी) उक्त पत्र पर जिलास्तरीय पदाधिकारी की ओर से क्या-क्या कदम उठाए गए इसकी कोई जानकारी नहीं उन्हें उपलब्ध नहीं करायी गई। श्री दत्ता के अनुसार पत्थर खनन कारोबारी राजीव बनर्जी द्वारा 93 बीघा 15 कट्ठा 10 धूर के एक बड़े गोचर जमीन पर अवैध रूप से पत्थर उत्खनन का कार्य करवाया जा रहा है जबकि ग्राम प्रधान कुलकुली डंगाल व सीओ, शिकारीपाड़ा द्वारा श्री बनर्जी के विरूद्ध पत्र संख्या 363/रा0 21 अपैल 2016 के माध्यम से शिकारीपाड़ा थाना कांड संख्या -49/ 2016 के तहत एक एफआईआर भी श्री बनर्जी के विरुद्ध दर्ज कराया गया था। पत्थर व्यवसायी राजीव बनर्जी के द्वारा प्रतिदिन 50-60 गाड़ी पत्थर का अवैथ खनन किया जा रहा है। इनके विरूद्ध दुमका सिविल कोर्ट में अभी भी एक मामला लंबित है। हाई कोर्ट से जमानत पर रिहा होने के बाद भी गैर कानूनी तरीके से काम करने का जुनून और अवैध तरीके से पैसे कमाने की ललक श्री बनर्जी में साफ देखी जा सकती है।  श्री दत्ता के अनुसार कुलकुली डंगाल में दाग संख्या 393 पर तकरीबन 94 बीघा जमीन गोचर है। वर्षो से संताल-पहाड़िया समुदाय के लोग इस स्थल का प्रयोग मवेशियों को चराने तथा उनके विश्राम स्थल के रूप में करते आ रहे थे। गैंजर्स सेटलमेंट के खाता संख्या 47 की जमीन पर राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए पत्थर माफिया द्वारा  अवैथ पत्थर  उत्खनन का कार्य किया जा रहा है। एसपीटी एक्ट का उल्लंघन भी इस तरह श्री बनर्जी द्वारा  किया जा रहा है। उनके विरुद्ध खनन विभाग कोई सख्त कदम नहीं उठा रहा। जाहिर सी बात है कि दोनों के बीच का आपसी रिश्ता काफी मृदुल है। जिला प्रशासन एवं खनन सचिव  की नींद नहीं खुली तो वह दिन दूर नहीं जब दूसरे राज्य के लोग झारखण्ड की उप राजधानी दुमका को आर्थिक रूप से पंगु बना देंगे। 

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