लालू ने चारा घोटाला मामले में मदद के बदले रंजीत सिन्हा को बनाया सीबीआई निदेशक : सुशील

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पटना 09 मई, बिहार भारतीय जनता पार्टी(भाजपा)विधानमंडल दल के नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पर चारा घोटाला मामले में जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने और जांच में मदद देने वालों को अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर ऊंचे पद दिलवाने का आरोप लगाते हुये आज कहा कि इस मामले में सहयोग करने के एवज में श्री रंजीत सिन्हा को सीबीआई का निदेशक बनवाया था। श्री मोदी ने यहां ‘जनता दरबार’ के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में चारा घोटाला मामले में उच्चतम न्यायालय के कल आये फैसले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की भूमिका पर की गई टिप्पणी का हवाला देते हुये कहा कि इस घोटाले की जांच में मदद देने के एवज में श्री यादव ने अपने रेलमंत्री के कार्यकाल के दौरान श्री सिन्हा को पहले रेलवे सुरक्षा बल का महानिदेशक और फिर बिहार भवन में विशेष कार्य पदाधिकारी (ओएसडी) बनाया। इसके बाद केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में राजद के महत्वपूर्ण घटक होने के कारण श्री यादव ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुये उन्हें सीबीआई का निदेशक बनवाया। भाजपा नेता ने कहा कि जब झारखंड उच्च न्यायालय में चारा घोटाला मामला चल रहा था तब श्री सिन्हा सीबीआई के निदेशक थे। उन्होंने कहा कि श्री सिन्हा के प्रभाव के दबाव में ही सीबीआई ने उच्च न्यायालय में तथ्यों को ठीक से नहीं रखकर श्री यादव को मदद पहुंचाने की कोशिश की। इसका परिणाम है कि उच्चतम न्यायालय ने इस घोटाले के अभियुक्तों से सांठगांठ रखने के आरोप में श्री सिन्हा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हालांकि उनके प्रयासों के कारण ही जब श्री सिन्हा सीबीआई के उप महानिरीक्षक थे तब श्री यादव का पक्ष लेने के कारण उन्हें घोटाले की जांच से अलग कर दिया गया था।

पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री सिन्हा का राजद सुप्रीमों के साथ मिलीभगत का पता उच्चतम न्यायालय के कल आये फैसले से चलता है जिसमें चारा घोटाला मामले में सीबीआई की भूमिका और झारखंड उच्च न्यायालय का निर्णय आने के बाद सीबीआई द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने में विलंब करने पर टिप्पणी करते हुये कहा गया , “इस मामले में सीबीआई अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप आचरण करने में विफल रहा है। न्यायालय ने वर्तमान सीबीआई निदेशक को इस मामले की जांच करने और व्यक्ति की जवाबदेही तय करने का आदेश दिया है।”  श्री मोदी ने कहा कि इसके अलावा उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में झारखंड उच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश राकेश रंजन प्रसाद द्वारा चारा घोटाला मामले में श्री यादव पर षड्यंत्र (कॉन्सपिरेसी) की धाराओं को हटाये जाने के निर्णय पर अत्यंत कठोर टिप्पणी की है। न्यायालय ने कहा, “यह निर्णय स्पष्ट रूप से गैर कानूनी, दोषपूर्ण और कानून के मौलिक सिद्धांतों के विपरीत है। अभियुक्त को अनुचित फायदा पहुंचाने के लिए मामले को कई वर्षों तक लंबित रखा गया।” भाजपा नेता ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के झारखंड उच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश श्री प्रसाद के बारे में की गई टिप्पणी पर कॉलेजियम को संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि न्यायिक नियुक्ति को लेकर पहले से ही काफी चर्चा हो रही है। 

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