भ्रष्टाचार में लिप्त नेताओं को मौत की सजा हो : पप्पू

leaders-involved-in-corruption-should-be-sentenced-to-death
पटना 09 मई,  जन अधिकारी पार्टी (जाप) के राष्ट्रीय संरक्षक और बिहार के मधेपुरा से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भ्रष्टाचार में लिप्त नेताओं को नक्सलियों से भी ज्यादा खतरनाक बताते हुए उनपर मुकदमा दर्ज होने के तीन माह के अंदर स्पीडी ट्रायल करा कर मौत की सजा दिये जाने की मांग की। श्री यादव ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त नेता नक्सलियों से भी ज्यादा खतरनाक हैं क्योंकि नक्सलियों का प्रभाव एक सीमित इलाके में होता है जबकि भ्रष्टाचारी नेताओं के कार्यकलाप से करोड़ों लोगों का जीवन बर्बाद होता है। उन्होंने कहा कि नक्सली भी कम से कम एक विचारधारा और सिद्धांत का पालन करते हैं लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त नेताओं का तो कोई सिद्धांत हीं नहीं होता। जाप के राष्ट्रीय संरक्षक ने कहा कि जब तक नेता अपनी सम्पत्ति बढ़ाने में लगे रहेंगे तब तक देश का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के विकास की बात तो नेता खूब करते हैं लेकिन पूरी जिन्दगी खुद के विकास में ही लगा देते हैं और लोगों के कल्याण का उन्हें कोई ख्याल नहीं रहता। 

श्री यादव ने कहा कि भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीन माह के अंदर स्पीडी ट्रायल करा कर उन्हें मौत की सजा दी जानी चाहिए। भ्रष्टाचारी नेता हत्या के अपराधी से भी ज्यादा खतरनाक हैं क्योंकि कोई अपराधी एक व्यक्ति की हत्या या कुछ लोगों की हत्या करता है लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त नेता करोड़ों लोगों के विश्वास की हत्या करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में काफी संख्या में करोड़पति चुनाव जीतने में सफल रहे हैं । सांसद ने एडीआर की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 34, जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के 28, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 19 और कांग्रेस के 11 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है। सभी राजनीतिक दलों को यह तय करना होगा कि किसी भी परिस्थिति में अपराधियों को टिकट नहीं मिले। उन्होंने कहा कि आपराधिक छवि वाले उम्मीदवार अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर चुनाव जीतने में सफल हो जाते हैं। श्री यादव ने एक सवाल के जवाब में कहा कि राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और कई आपराधिक मामलों में जेल में बंद आरोपी तथा पार्टी के पूर्व सांसद मो.शाहाबुद्दीन के बीच हुई बातचीत का टेप लीक होने से कोई आर्श्चय नहीं हुआ है। प्रदेश के लोगों को यह पहले से ही मालूम है कि चारा घोटाले के मामले में बेऊर जेल भेजे जाने के बाद श्री यादव जेल से ही सरकार चला रहे थे जब उनकी पत्नी श्रीमती राबड़ी देवी बिहार की मुख्यमंत्री थीं। उन्होंने कहा कि श्री यादव देश के बड़े नेता हैं और जेल में बंद अपराधी से उन्हें फोन पर बात करना शोभा नहीं देता। 

Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...