आतंकवादी मूसा ने छोड़ा हिजबुल का साथ

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श्रीनगर, 13 मई, अलगाववादी नेताओं का सिर काटकर लालचौक पर लटकाने की धमकी देने वाले आतंकवादी जाकिर मूसा ने आज फिर से एक ऑडियो टेप जारी कर कहा कि उसने आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन से नाता तोड़ लिया है।  कल मूसा के सिर काटने के बयान के बाद हिजबुल मुजाहिदीन ने उससे किनारा कर लिया है। मूसा ने नये ऑडियो टेप में कहा, “अगर हिजबुल मेरी नुमायंदगी नहीं करता तो मैं भी उसका हिस्सा नहीं हूं।”  मूसा ने कल कहा था कि कश्मीर में आतंकवाद कि घटना को इस्लामिक संघर्ष की जगह राजनीतिक संघर्ष का नाम देने वाले का वह सिर काट देगा। मूसा ने कहा, “मैं अपने कल के बयान पर कायम हूं। मैंने सिर्फ उन लोगों के बारे में बयान दिया था जो धर्मनिरपेक्ष राज्य के बारे में बात करते हैं।”  मूसा ने हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी का नाम लेते हुए कहा कि उसने अपने पिछले ऑडियो में उन लोगों को लटकाने के बारे में कहा था जो धर्मनिरपेक्ष राज्य की बात करते हैं, अगर गिलानी या हुर्रियत के दूसरे नेता कश्मीर को इस्लामिक स्टेट बनाने की लड़ाई लड़ेंगे तो वो हमारे दुश्मन नहीं हैं। 


मूसा ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष राज्य के लिए लड़ रहे आतंकवादियों को शहीद नहीं कहा जा सकता। मूसा ने कहा, “हिजबुल ने कहा है कि उसका मेरे वक्तव्य से कोई संबंध नहीं इसलिए यदि हिजबुल मेरा प्रतिनिधित्व नहीं करता तो मैं भी उसका प्रतिनिधित्व नहीं करता। आज से हिजबुल मुजाहिद्दीन से मेरा कोई संबंध नहीं।” मूसा ने इस्लामिक स्टेट अथवा अलकायदा के साथ किसी भी प्रकार के संबंध से इंकार किया है। मूसा ने कहा, “ न ही मैं आईएसआईएस अथवा अलकायदा के बारे में कुछ जानता हूं न मैं यह कह सकता हूं कि मैंने सही अथवा गलत किया है क्योंकि मैंने उनपर कोई शोध नहीं किया है।” मूसा का यह वक्तव्य हिजबुल की ओर से उसके बयान से किनारा करने के कुछ घंटों के भीतर आया है। हिजबुल मुजाहिद्दीन के प्रवक्ता सलीम हाशमी ने एक वक्तव्य में कहा कि संगठन का मूसा के वक्तव्य से कोई लेना देना नहीं है। वहीं इसी बीच मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यदि अलगाववादी सुरक्षा की मांग करते हैं तो राज्य सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने पर विचार करेगी। 
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