राष्ट्रीय जलमार्ग बनने से गंगा की अविरलता को खतरा : नीतीश

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बेगूसराय 24 मई, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार की ओर से गंगा नदी में राष्ट्रीय जलमार्ग-एक बनाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुये आज कहा कि इस जलमार्ग के बनने से नदी की अविरलता समाप्त हो जाएगी। श्री कुमार ने यहां डॉ. पीयूषेंदु गुप्ता की मूर्ति अनावरण के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि यदि राष्ट्रीय जलमार्ग-1 बनाया गया तो गंगा नदी पर कई बांध बनेंगे, जिससे गंगा नदी की अविलरता समाप्त हो जायेगी। साथ ही जलमार्ग बनने से गंगा नदी के किनारों पर और कटाव होगा। उन्होंने कहा कि गंगा नदी के तल में तेजी से जमा हो रहे गाद के प्रबंधन का उपाय किया जाना जरूरी है। इसके लिये कमेटी तो बनी लेकिन किसी ने गंगा का स्थल का निरीक्षण नहीं किया बल्कि कमरे में बैठकर रिपोर्ट तैयार कर दी गयी, इससे काम नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाटरवेज के अधिकारियों ने निरीक्षण करने के बाद यह स्वीकार किया है कि गंगा नदी की समस्या गंभीर है। उन्होंने कहा कि वह यह नहीं चाहते हैं कि फरक्का बराज को तोड़ दिया जाये। वह चाहते हैं कि गंगा नदी का अध्ययन हो तथा गाद की समस्या दूर करने के लिये कोई उपाय किये जायें। उन्होंने कहा कि स्थिति गंभीर है, यह हर किसी को समझना पड़ेगा। 


श्री कुमार ने कहा, “बिहार में सामाजिक आन्दोलन कम हुये हैं। हम शासन का प्रयोग समाज सुधार के लिये कर रहे हैं। इसी क्रम में राज्य में शराबबंदी लागू की गई। चंद लोग इसकी अवहेलना करने की कोशिश करते हैं। उन पर नजर रखी जा रही है। पकड़े गये लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अब हम शराबबंदी से नशामुक्ति की ओर बढ़ रहे हैं।” उन्होंने कहा कि इसके अलावा दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के विरुद्ध भी सशक्त अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि यदि कोई दहेज लेकर शादी करता है तो उसकी शादी में नहीं जायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा एवं नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में काफी काम हुये हैं। पहले शिक्षा का बजट 4200 करोड़ रुपये का था, जिसे वित्त वर्ष 2017-18 में बढ़ाकर 25 हजार करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को 13.9 प्रतिशत से बढ़ाकर कम से कम 30 प्रतिशत तक करने के लिए प्रयासरत है। इसके लिये विभिन्न संस्थायें खोली जा रही है। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बेगूसराय में इंजीनियरिंग काॅलेज के साथ ही अब मेडिकल काॅलेज भी खोला जायेगा और इसके लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। श्री कुमार ने डाॅ. पी. गुप्ता के जीवन पर प्रकाश डालते हुये कहा कि उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन गरीबों की सेवा में लगा दिया। उन्होंने किसी प्रकार का लालच नहीं किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुये कहा, “गांधी जी कहते थे कि इस पृथ्वी में इतनी ताकत है कि वह हमारी जरूरतों को पूरा कर सकता है लेकिन हमारे लालच को पूरा नहीं कर सकता।” उन्होंने कहा कि वह प्रौद्योगिकी के पक्षधर हैं लेकिन वैसी टेक्नोलाॅजी का जो पर्यावरण को दूषित नहीं करे। उन्होंने कहा कि हमें डाॅ. पी. गुप्ता से त्याग तथा गरीबों की सेवा की सीख एवं प्रेरणा लेनी चाहिये। इस अवसर पर डाॅ. पी. गुप्ता ट्रस्ट की तरफ से मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंट किया गया। इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री कुमारी मंजू वर्मा, सांसद भोला सिंह, विधायक उपेन्द्र पासवान, पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिंह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की नेता अमरजीत कौर, पूर्व विधायक सत्यनारायण, पूर्व विधान पार्षद डाॅ. तनवीर हसन और डाॅ. पी. गुप्ता के पुत्र शैवाल गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 

इसके बाद मुख्यमंत्री ने संत गाडगे जी महाराज की 141वीं जयंती समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि समाज के वंचित तबकों के उत्थान में संत गाडगे जी महाराज की अहम भूमिका रही है। उन्होंने शिक्षा पर जोर दिया था तथा लोगों को इसके लिये प्रेरित किया था। वे गांव-गांव जाकर गीत सुनाते थे, लोगों को सीखाते थे, उन्हें प्रेरित करते थे। उन्होंने कहा कि संत गाडगे जी महाराज गांव की पूरी सफाई करने के बाद गांववालों को बधाई देते हुये कहते थे कि उनका गांव काफी साफ है। श्री कुमार ने कहा कि यह वर्ष चम्पारण सत्याग्रह का शताब्दी वर्ष है। साथ ही वर्ष 2019 गांधी जयंती का डेढ़ सौवां साल होगा। गांधी जी ने स्वच्छता पर जोर दिया था। दक्षिण अफ्रीका प्रवास के दिनों से ही वह स्वच्छता पर जोर देते रहे थे। उन्होंने कहा कि राम मनोहर लोहिया के मन में भी स्वच्छता के प्रति जबरदस्त भाव था। महिलाओं को शौच के लिए घर से बाहर जाना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी दुख होता था। लोहिया जी, पंडित नेहरू के घोर विरोधी थे। लोहिया जी ने कहा था कि यदि गांव की महिलाओं को शौच के लिए घर से बाहर जाने के अभिशाप से यदि नेहरू जी मुक्त कर देंगे, शौचालय बनवा देंगे तो वह उनका विरोध करना छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि बिहार के स्वच्छता मिशन का नाम लोहिया स्वच्छता अभियान रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कि बिहार सामाजिक अभियान से शुरू से ही कटा रहा है जबकि राजनीतिक आन्दोलनों के प्रति सजग रहा है। उन्होंने गांधी जी के चम्पारण सत्याग्रह का उदाहरण देते हुये कहा कि सत्याग्रह से देश में आजादी की लड़ाई तेज हुयी। आमलोगों का आजादी की लड़ाई से जुड़ाव हुआ और इस संघर्ष ने जन आन्दोलन का स्वरूप ग्रहण किया। सत्याग्रह के तीस वर्ष के अंदर भारत आजाद हो गया। उन्होंने कहा कि बिहार से अनेक राजनीतिक लड़ाइयां शुरू हुयीं और वह हमेशा सत्ता का केन्द्र भी रहा है। मगध साम्राज्य का भू-भाग आज के भारत से बड़ा था। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों के मन में राजनीति का भाव है। शिक्षा, स्वच्छता, जन जागृति के क्षेत्र में अन्य जगहों पर ज्यादा आंदोलन हुये लेकिन अब राज्य में समाज सुधार अभियानों को तेज करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गांधी जी के जन्मदिन 02 अक्टूबर से राज्य में बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के विरुद्ध सशक्त अभियान चलाया जायेगा। 


श्री कुमार ने कहा, “हम समाज सुधार की दिशा में काम करेंगे। शिक्षा पर हमने शुरू से ध्यान दिया है। पहले 12.5 प्रतिशत बच्चे स्कूल से बाहर थे। चार लाख शिक्षकों का नियोजन किया गया। 26 से 27 हजार नये प्राथमिक विद्यालय बनवाये गये। कई विद्यालयाें को उत्क्रमित किया गया, जिससे प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा को बढ़ावा मिला।” उन्होंने लड़कियों की शिक्षा का उदाहरण देेते हुये कहा कि पोषाक योजना से मध्य विद्यालयों में लड़कियों की संख्या बढ़ गयी। बालिक साइकिल योजना से उच्च विद्यालय में पढ़ रही लड़कियों की संख्या में वृद्धि हुयी। उन्होंने कहा कि पहले बेगूसराय, पटना में लड़कियां साइकिल चलाते हुये नहीं देखी जाती थी लेकिन आज गांव-गांव में लड़कियां समूह में साइकिल चलाकर स्कूल जाती है। इससे लोगों की सोच एवं मानसिकता बदल गयी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला बिहार पहला राज्य है। पुलिस की भर्ती में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब सरकार की सभी सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने की व्यवस्था की गई है।महिलाओं की शिक्षा तथा महिला सशक्तिकरण के लिये सभी काम किया जा रहा है। उन्होंने कक्षा नौ में पढ़ रही छात्राओं का उदाहरण देते हुये कहा कि वर्ष 2007-08 में जहां वर्ग नौ में पढ़ रही लड़कियों की संख्या एक लाख 70 हजार थी वह अब बढ़कर नौ लाख हो गयी है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा दे रहे छात्रों में 49 प्रतिशत लड़कियां थी। यदि लिंगानुपात के अनुसार देखा जाय तो लड़कियों की संख्या और बढ़ जायेगी। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा परिवर्तन आया है, और इसे आगे भी जारी रखना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंट किया गया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्याम रजक, विधायक नरेन्द्र सिंह उर्फ बोगो सिंह, पूर्व विधान पार्षद रूदल राय, अर्थशास्त्री शैवाल गुप्ता, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे। 
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