झारखंड- रघुवर आदिवासीझारखंड में गरीब और आदिवासी की जमीन कोई छिन नहीं सकताः रघुवर

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रांची 18 मई, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य में औद्योगिकीकरण को रफ्तार देने का संकल्प दुहराते हुए आज कहा कि नये उद्योगों के लिए राज्य सरकार के पास पर्याप्त जमीन है और किसी भी गरीब या आदिवासी से जबरन जमीन नहीं ली जायेगी। श्री दास ने राजधानी रांची के होटवार में आयोजित ‘मोंमेन्टम झारखण्ड’ शिलान्यास एवं उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि फरवरी में आयोजित ‘मोेंमेन्टम झारखंड’ के आयोजन के 100 दिन से भी कम अवधि में धरातल पर परिणाम दिखने लगे हैं। इससे झारखंड के प्रति देश-दुनिया में लोगों का विश्वास बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “ कुछ लोग गंदी राजनीति कर रहे हैं। वे नहीं चाहते कि आदिवासियों का विकास हो। मेरे रहते राज्य में गरीब और आदिवासी की जमीन कोई छिन नहीं सकता। उद्योगों के लिए राज्य सरकार के पास पर्याप्त जमीन है। किसी की जमीन लेने की जरूरत नहीं है। जहां उद्योग लग रहे हैं, वहां की जनता स्वयं जमीन देना चाहती है। लोगों की सोच बदल रही है। सभी विकास चाहते हैं।” 

श्री दास ने कहा कि उनकी सरकार केवल वादा नहीं करती, उसे पूरा भी करती है। आज प्रदेश के लिए ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि मोमेंटम झारखंड के दौरान किये गये एम0ओ0यू0 में से 21 का शिलान्यास और 03 का उद्घाटन किया जा रहा है। अब राज्य के लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्य नहीं जाना होगा। उन्होंने कहा कि यह एक संयोग है कि 16-17 फरवरी को जब ‘मोमेंटम झारखण्ड’ का आयोजन हुआ था तो वो दिन गुरुवार था और आज भी गुरुवार ही है। मुख्यमंत्री ने जोर देेकर कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य राज्य से गरीबी को पूरी तरह समाप्त करना है। गरीब को ताकतवर बनाने की दिशा में उनकी सरकार तेजी से काम कर रही है। यह सरकार की इच्छाशक्ति और टीम झारखंड के कारण संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि मोमेंटम झारखंड तहत निवेश के लिए आई कुछ कंपनियों में जल्द ही उत्पादन शुरू हो जायेगा। जुलाई में एक बार फिर 1000 करोड़ के निवेश का उद्घाटन और शिलान्यास किया जायेगा, जिसमें आई0टी0, ओटोमोबाईल कम्पोनेंट इत्यादि कंपनियां होंगी। श्री दास ने कहा कि झारखंड में निवेशकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए निवेश बोर्ड की स्थापना की गयी है। एम0ओ0यू0 की प्रगति की समीक्षा वे स्वयं कर रहे हैं। निवेशकों को कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए प्रभावशाली सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। उन्होंने कहा कि देश सुपर पावर तभी बनेगा जब झारखण्ड जैसे राज्य विकसित होंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में देश का 82 प्रतिशत तसर उत्पादित होता है। उन्होंने कहा कि यदि सम्मिलित प्रयास किये जाये तो झारखंड ‘‘तसर कैपिटल ऑफ इण्डिया’’ बनेगा । इसी तरह देश का करीब 62 प्रतिशत लाह का उत्पादन भी यहां होता है। प्रदेश के गांव की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर लाह के उत्पाद तैयार कराये जायेंगे। इनकी डिजाइनिंग, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग कर इनका निर्यात किया जायेगा। कृषि, पशुपालन, बागवानी क्षेत्र में भी राज्य में तेजी से काम हो रहा है। मदर डेयरी ने झारखंड में प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है श्री दास ने कहा कि उनकी सरकार निर्णय लेने वाली मजबूत सरकार है। कुछ लोग यहां की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। गरीब एवं आदिवासियों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन अब गरीब, आदिवासी उनके बहकावे में नहीं आयेंगे। राज्यहित में गरीबी और बेरोजगारी को समाप्त करने के लिए सरकार नियमों के सरलीकरण करने की दिशा में कार्य करेगी। उनके विकास के लिए यदि कड़े फैसले लेने होंगे, तो लेंगे। कार्यक्रम में ओरिएंट क्राफ्ट के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक सुधीर धिंगरा, अमित ऑयल प्रा0 लि0 के सी0पी0 अग्रवाल, बोकारो सेवा ट्रस्ट के डॉ मजीद तलिकोटी, कावेरी एग्री वेयरहाउसिंग के प्रबंध निदेशक जी0 सुमन राव, एस0के0एफ0 के प्रमोटर आफ्ताब आलम ने अपने अनुभव साझा किया। सभी ने राज्य सरकार से मिले सहयोग की सराहना की। रोजगार प्राप्त करनेवाली सिमडेगा की सुनीता सिंह और लोहरदगा की प्रतिमा पटेल सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान मिले अनुभव बांटें। इस दौरान मंत्री सरयू राय, चन्द्र प्रकाश चौधरी, रामचन्द्र चन्द्रवंशी, लुईस मरांडी, सी0पी0 चौधरी, नीरा यादव एवं राज पलिवार समेत कई सांसद, विधायक और वरीय अधिकारी उपस्थित थे। 
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