खाद्य पदार्थों की कीमतें नियंत्रण में : राम विलास पासवान

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नयी दिल्ली 15 मई, खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राम विलास पासवान ने आज कहा कि खाद्य पदार्थों की कीमतें बिल्कुल नियंत्रण में हैं और पिछले साल की तुलना में अधिकतर जरूरी खाद्य पदार्थ सस्ते हुये हैं। श्री पासवान ने आज यहाँ मोदी सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान अपने मंत्रालय की उपलब्धियों के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुये एक सवाल के जवाब में कहा कि पिछले साल के मुकाबले दालों की विभिन्न किस्मों के दाम घटे हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा गेहूँ, चावल और तेलों के दाम भी नियंत्रण में हैं। चीनी की कीमत जरूर कुछ बढ़ी है, लेकिन चीनी मिलों का अस्तित्व बचाये रखने के लिए यह आवश्यक था और इसिलए सरकार द्वारा किये गये उपायो से भी इसकी कीमतों को थोड़ी बढोतरी हुयी है। श्री पासवान ने सरकार के तीन साल के कार्यकाल के दौरान कीमतों में बढ़ोतरी के बारे में कुछ नहीं कहा। हालाँकि, सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 01 मई 2014 की तुलना में 22 जरूरी खाद्य पदार्थों में से दालों समेत 14 के खुदरा दाम बढ़े हैं, दो के कम हुये हैं और पाँच के स्थिर हैं जबकि पाम ऑयल के 01 मई 2014 के आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इसमें चावल की कीमत 29 रुपये से बढ़कर इस साल 13 मई को 32 रुपये प्रति किलोग्राम, आटे की 21 से बढ़कर 24 रुपये, चना दाल की 50 से बढ़कर 75 रुपये, अरहर दाल की 75 से बढ़कर 86 रुपये, उड़द दाल की 71 से बढ़कर 97 रुपये, मसूर दाल की 68 रुपये से बढ़कर 79 रुपये, चीनी की 37 से बढ़कर 42 रुपये, गुड़ की 38 से बढ़कर 49 रुपये और खुली चाय की 215 से बढ़कर 223 रुपये प्रति किलोग्राम हो गयी। इस दौरान दूध के दाम 36 से बढ़कर 42 रुपये, मूँगफली तेल के 159 से बढ़कर 165 रुपये और सरसों तेल के 102 से बढ़कर 121 रुपये प्रति लीटर हो गये। मूँग दाल के दाम 101 से घटकर 81 रुपये और आलू के 23 से घटकर 15 रुपये प्रति किलोग्राम हुये। वहीं, वनस्पति, सोया तेल, सन फ्लावर तेल, प्याज और टमाटर के दाम तीन साल पहले के स्तर पर ही हैं। श्री पासवान ने कहा कि मौजूदा समय में सरकारी आँकड़ों के लिए कीमतें चुनिंदा सरकारी दुकानों/एजेंसियों के माध्यम से संकलित की जाती हैं।
अक्सर लोगों की शिकायतें होती हैं कि बाजार में वास्तविक कीमत सरकारी आँकड़ों की तुलना में अधिक होती है। इसलिए सरकार आँकड़े एकत्र करने के काम किसी थर्ड पार्टी एजेंसी को देने पर भी विचार कर रही है।

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