मधुबनी : शब ए बारात की रात श्रद्धा व सद्भाव के साथ मनाई गयी।

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मधुबनी/अंधराठाढ़ी।(मोoआलम अंसारी ) प्रखंड परिक्षेत्र में मुस्लिम भाईयों का पवित्र पर्व शब ए बारात की रात श्रद्धा व सद्भाव के साथ मनाई गयी। पुरी रात प्रखंड के सभी मस्जिदों व कब्रिस्तानों में बुजुर्ग, नौजवान एवं बच्चों को सफेद कुर्ता पैजामां व सफेद टोपी में देखा गया। लोग रातभर ईबादत के बाद नमाजे फजर के वक्त जमकर अपने गुनाह को माफ करवाने के लिए रो रो कर हाथ उठा कर दुआ मांगी। अल्लाह तआला हमें इस मुबारक रात में ज्यादा से ज्यादा ईबादत करने की तौफीक अता फरमाए। इस बरकत वाली रात की बरकत से हमारे प्यारे वतन हिन्दुस्तान सहित पूरे दुनिया में अमन व शान्ति और खुशहाली फरमाए। क्षेत्र के सभी प्रमुख मस्जिदों में विशेष नवाज अता की गयी। मस्जिदों को विशेष रूप से सजाया संवारा गया था। प्रखंड के एतिहासिक हरना ईदगाह में विशेष नमाज की ऐमामत हाफीज अब्दुल कैयुम ने की। उन्होंने बताया कि शबे बराअत” इतनी प्यारी और मुबारक रात है कि इस रात में अल्लाह अपनी रहमत के तीन सौ दरवाजों को खोल देता है। अपने गुनाहगार बन्दों के गुनाह को बख्श देता है और उन्हें अजाब से रिहाई अता फरमाता है। अल्लाह तबारक व तआला गुरूबे आफताब (सुर्यास्त) के बाद ही से अपने बन्दों पर अपनी खास रहमतें नाजिल फरमाता है। मदना पंचायत के जमैला बाजार में बागेफिरदौस जामा मस्जिद शब् ए बारात की विशेष नमाज अदा की गई। मौलवी हाजी रहमतुल्लाह शम्सी ने बताया कि शब् ए बरात  की रात मुस्लिम धर्म के लिऐ बहूत बड़ी इबादत की रात है। उन्होंने कहा इसमें पूरी रात कुरानशरीफ की तिलावत की जाती है। साथ ही मरे हुए मुर्दा के लिऐ कब्रों पर जा के उनके लिऐ गुनाहों की बकसीस की दुआ मांगी जाती है। शब् ए बरात अपने पापा से छूटकारा और दुआ मांगने की बहूत बड़ी रात है। इस अवसर पर प्रखंड के ठाढ़ी, डुमरा, जमैला, गिदरगंज आदि गाँवो में भी  शबे ए बारात की दुआ मांगी गयी।

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