जरूरत के हिसाब से बिजली खर्च करें उपभोक्ता : नीतीश

पटना 11 मई, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यवासियों से जरूरत के हिसाब से विद्युत उपभोग का आह्वान करते हुए आज कहा कि लोगों को बिजली के सही उपयोग के लिए जागृत करने की जरुरत है। श्री कुमार ने आज यहां आयोजित एक कार्यक्रम में रिमोट द्वारा ऊर्जा विभाग की 2650.51 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुये कहा, “बिना वजह बिजली की खपत नहीं कीजिये, जितनी जरूरी हो उतनी ही बिजली का उपयोग करें। आज जीवन में सुविधा के लिये बिजली की खपत बढ़ रही है, इसलिये हमें बिजली बचाने की आवश्यकता है। लोगों को बिजली के सही उपयोग के लिये जागृत करना होगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक शिक्षण के लिये हर घर बिजली कैसे बचायें, इससे संबंधित पम्फ्लेट लगाया जा सकता है। इसका काफी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि नई पीढ़ी को बिजली बचाने की जानकारी दी जाय तो निश्चित तौर पर वे दूसरों को जरूर समझायेंगे। बच्चों को भी इसके बारे में बताया जाये। बच्चा जानता है तो घर पर उसको प्रचारित करता है। आपदा से संबंधित प्रशिक्षण स्कूलों में बच्चों को दिया जाता है ताकि वे घर जाकर बतायें। श्री कुमार ने कहा कि पहले बिजली कम थी आज लोगों को बिजली मिलने लगी है, तो उनकी अपेक्षाएं और भी बढ़ गयी हैं। पिछले कुछ सालों में विद्युत उपलब्धता के मामले में हमने बड़ी उपलब्धियां अर्जित की हैं। इस मामले में बिहार अभी तो यात्रा पर हैं। यात्रा पूरी होने के बाद स्थिति काफी सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “बिजली की गुणवत्ता भी बहुत बड़ी चीज है। हमारा लक्ष्य है कि हम लोगों को गुणवत्तापूर्ण बिजली दें। हमें पूरा भरोसा है कि बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा। बिजली वितरण कम्पनियों की इफिसियेंसी और बढ़ेगी जिससे बिजली का नुकसान कम होगा।” श्री कुमार ने विद्युत क्षेत्र में किये गये जा रहे कार्यो के लिए ऊर्जा विभाग को बधाई देते हुए कहा कि विभाग ने घर-घर बिजली पहुंचाने के लिये बनायी गयी सात निश्चय योजनाओं का क्रियान्वयन प्रारंभ कर दिया है। वर्ष 2018 के अंत तक ‘हर घर तक बिजली’ का कनेक्शन उपलब्ध करा दिया जायेगा। 2017 के अंत तक हर गांव, हर बसावट तक बिजली पहुंचा दी जायेगी। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक शिकायत निवारण केन्द्रों पर बिजली विभाग के बिल से संबंधित शिकायतें मिलती हैं। आज सबसे बड़ी चुनौती यही है। बिजली विभाग के आधारभूत संरचना में काफी सुधार हुआ है। इसमें सबसे ताजा सुधार बिजली की दरों को लेकर हुआ है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान करना चाहता है। यदि प्रक्रिया को सही कर लिया जाये तो लोग ससमय बिल का भुगतान करेंगे। श्री कुमार ने कहा कि अभी करीब 633 गांवों का विद्युतीकरण कार्य पूरा नहीं हुआ हैं। पटना, सारण, खगडि़या आदि के 157 गांव जो दियारा क्षेत्र में पड़ते हैं वहां पारेषण टावर के माध्यम से बिजली पहुंचाई जा रही है। पश्चिम चम्पारण सहित अन्य जिलों के 218 गांव जो दुर्गम क्षेत्र में हैं वहां भी सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली पहुंचाने के लिये एजेंसी का चयन कर लिया गया है। सर्वेक्षण का काम चल रहा है और नवम्बर 2017 तक कार्य पूरा कर लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा की चर्चा करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा के प्रति लोगों के बीच जागरुकता अभियान चलाने की जरुरत है। पर्यावरण के दृष्टिकोण से ऐसी बहुत जगह हैं, जहां बिजली का पोल नहीं लगाया जा सकता है। इन जगहों पर बिजली पहुंचाना मुश्किल है। ऐसे में सौर ऊर्जा ही एक विकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कटिहार में कई गांव हैं जहां विद्युतीकरण (दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना) का कार्य शेष है। वर्ष 2016 में इसकी स्वीकृति केन्द्र सरकार से प्राप्त हो चुकी है। इस कार्य को भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही मुजफ्फरपुर के 24 गांव तथा भागलपुर के छह गांव जो फ्रेंचायजी के क्षेत्र में पड़ते हैं वहां विद्युतीकरण काम रुका हुआ है, उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक सभी गांव तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। समारोह को संबोधित करते हुये उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि आज का दिन बिहार और बिहारवासियों के लिये महत्वपूर्ण है। आज 2650 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन एवं लोकार्पण हो रहा है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि बिहार में 24 घंटे बिजली रहे। बिहार का हर घर रौशन होगा। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चन्द्रा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के ऊर्जा सलाहकार पी. के. राय, दक्षिण बिहार पावर कम्पनी के प्रबंध निदेशक आर. लक्ष्मणन, उत्तर बिहार पावर कम्पनी के प्रबंध निदेशक संदीप के. आर. पी. सहित ऊर्जा विभाग के वरीय अधिकारी एवं अभियंतागण मौजूद थे। 

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