किसान धरती के सच्चे सेवक, किसानों के प्रति समूचा राष्ट्र कृतज्ञ है : राहुल कु सिन्हा

किसान व किसानी संस्कृति वंदनीय है। हमारे देश में कृषि सबसे बड़ा व्यवसाय माना जाता है। कृषि के बिना देश की कल्पना नहीं की जा सकती। किसानो ंके प्रति देश कृतज्ञ है। कृषि के क्षेत्र में दुमका की अपनी एक अलग पहचान है। कोकुन व रेशम उत्पादन के क्षेत्र में यह जिला राष्ट्रीय स्तर पर पहचान में शामिल है।      

     

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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) , किसान व किसानी संस्कृति वंदनीय है। कृषि का प्रक्षेत्र इतना बढ़ चुका है कि इस क्षेत्र में हर दिन कुछ न कुछ नया देखने को मिलता रहता है। भारत की जान गांवों में बसती है। गांव में अधिक से अधिक लोग कृषि व इससे जुड़े कार्य में लगे हुए हैं। किसान धरती के सच्चे सेवक हैं। दुमका भी कृषि के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान रखता है। किसानों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दिन सोमवार को प्रखंड कार्यालय, दुमका में तीन दिवसीय कृषि जागृति अभियान सह मेला 2017 के उद्घाटन के अवसर पर डीसी, दुमका राहुल कु0 सिन्हा ने उपरोक्त बातें कहीं। उन्होेंने  कहा कृषि सबसे बड़ा व्यवसाय माना जाता है, कृषि के बिना देश की कल्पना नहीं की जा सकती। कोकुन व सिल्क के क्षेत्र में दुमका अपना महत्वपूर्ण योगदान देश को देता आ रहा है। किसानों के लिये सरकार दिन-प्रतिदिन विभिन्न तरह की योजनायें ला रही हैं, किन्तु जब तक सारी योजनाओं का लाभ किसान को नहीं मिलता तब तक सही मायने में योजनाओं का कोई महत्व नहीं रह जाता है। हमारी जनसंख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है लेकिन हमारा क्षेत्रफल आज भी उतना ही है। बचे भूमि पर उन्नत किस्म खाद व उन्नत किस्म बीजों का इस्तेमाल कर पैदावार बढ़ाने की जरूरत है। डीसी श्री सिन्हा ने कहा कि सरकार किसानों को अनुदान राशि पर बीज व खाद उपलब्ध करा रही है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण इसका लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। खुद जागरूक होकर आस-पड़ोस के लोगों को भी जागरूक करें। कृषि में नयी तकनीकों का प्रचलन बढ़ता ही जा रहा है। नयी तकनीकों के माध्यम से अच्छे फसल का भी उत्पादन भी लगातार बढ़ता जा रहा है। डीसी श्री सिन्हा ने आगे कहा इन दिनों किसान फसल तो उपजा रहे हैं किन्तु उत्पादकता में वृद्धि देखने को नहीं मिल रही है। अलग-अलग किस्म के फसल को अलग-अलग भूमि में वक्त पर लगाने की जरूरत है। डीसी ने कहा किसान के प्रति समूचा राष्ट्र कृतज्ञ है। इस तीन दिवसीय कृषि जागृति अभियान सह मेला के आयोजन से तीन दिनों तक  कृषि के क्षेत्र में विशेष जानकारी प्राप्त की जा सकती है। अपनी समस्याओं से कृषि वैज्ञानिकों को अवगत कराएँ।  सरकार की योजनाओं की जानकारी लें। तभी सही मायने में यह मेला सफल होगा। बदलते वक्त में किसान मित्रों को भी बदलना होगा। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक डा श्रीकांत सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से कृषक मित्रों को सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त होता है। कृषि विज्ञान केन्द्र में अच्छे बीजों पर लगातार शोध जारी है। अच्छे बीज का उत्पादन ही कृषि विज्ञान केन्द्र का उद्देष्य है। उन्होंने कहा कि मौसम के अनुसार किसानों के लिए बीज का उत्पादन किया जाता ह,ै ताकि उन्हें बीज से अच्छे फसल मिलें।  कृषि से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो।  कृषि के क्षेत्र में महिलाओं का भी योगदान है। महिलाएँ भी कृषि के क्षेत्र में लगातार आगे आ रही हैं। कृषि विज्ञान केन्द्र मंे महिला वैज्ञानिक महिलाओं के लिये बेहतर फसल उत्पादन व कृषि में मदद के लिये लगातार प्रयत्नशील हैं। जो भी  किसान अपने खेतों की मिट्टी की जांच कराना चाहते हैं वे कृषि विज्ञान केन्द्र में आसानी से जाँच करा सकते हैं। कृषि विज्ञान केन्द्र का द्वार किसान मित्रों के लिए हमेशा खुला रहेगा। परियोजना निदेशक आत्मा, डा देवेश कुमार सिंह ने कहा कि किसानों के लिये अच्छे फसल उत्पादन के निमित्त सरकार बहुत सारी योजनायें चला रही है। सरकार द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान राशि उपलब्ध करायी जाती है। योजनाओं का लाभ लेने की जरूरत है। अच्छे फसल का उत्पादन तभी कर सकेंगे। आत्मा एक समूह निर्माण कराती है एवं समूह से जुड़े किसानों को प्रेरित करने का कार्य करती है। इस दौरान मुख्य अतिथि डीसी दुमका राहुल कु0 सिन्हा ने गुमिन हांसदा, रूबीलाल हेम्ब्रम, सुनु मरांडी, हिरालाल सोरेन, सुलेमान मरांडी के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया। अरूण कुमार साहा, रमेश साहा, परिमल साहा, विरेन्द्र हेम्ब्रम को डीसी ने सोयाबीन का बीज वितरित किया। हिरालाल सोरेन, सुकु मरांडी, कन्हाई हांसदा को तील का बीज प्रदान किया गया। गव्य विकास मिनरल मिक्सचर का वितरण राजू यादव, अम्बिका टुडू, बिनोद यादव, रामनरेश यादव के बीच किया गया। धान का बीज रसका मुर्मू एवं गोविन्द पाल को डीसी के हाथों प्रदान किया गया। इस तीन दिवसीय कृषि जागृति अभियान सह मेला में सरकार की विभिन्न योजनाओं के स्टाॅल लागाये गए हैं, जिससे किसान आसानी से सरकार की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम का संचालन उप परियोजना निदेशक आत्मा संजय कुमार मंडल ने किया। कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, वरीय वैज्ञानिक सह कृषि विज्ञान केन्द्र, परियोजना निदेशक आत्मा, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र, सहायक निबंधक सहकारिता, योजना पदाधिकारी कृषि एवं भारी संख्या में किसान उपस्थित थे।

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