मैथिली में साहित्य अकादमी का बाल साहित्य पुरस्कार अमलेन्दु पाठक को

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दरभंगा 22 जून, साहित्य अकादमी के मैथिली भाषा में वर्ष 2017 के बाल साहित्य पुरस्कार के लिए मैथिली के चर्चित साहित्यकार एवं पत्रकार अमलेन्दु शेखर पाठक का चयन किया गया है। साहित्य अकादमी, नई दिल्ली की ओर से वर्ष 2017 के लिए दिये जाने वाले बाल साहित्य पुरस्कार एवं युवा पुरस्कार की घोषणा आज कर दी गई। साहित्य अकादमी में मैथिली की प्रतिनिधि डा. वीणा ठाकुर ने आज यहां दूरभाष पर बताया कि साहित्यकार श्री पाठक को यह पुरस्कार उनके बाल उपन्यास ‘लालगाछी’ के लिए प्रदान किया जाएगा। वहीं, चंदन कुमार झा को कविता संग्रह 'धरती सं अकास धरि' के लिए युवा पुरस्कार मिलेगा। डॉ . ठाकुर ने बताया कि असम के गुवाहाटी में आज हुई अकादमी की कार्यसमिति की बैठक में यह फैसला किया गया। मैथिली में इन पुरस्कारों को लेकर विगत 20 जून को दिल्ली में निर्णायकों की बैठक हुई थी। बाल साहित्य पुरस्कार के लिए गठित निर्णायक मंडल में डॉ. इंद्रकांत झा, डॉ. शशिनाथ झा तथा प्रभाष कुमार झा शामिल थे। तीनों निर्णायकों ने सर्वसम्मति से अमलेन्दु शेखर पाठक की पुस्तक का चयन पुरस्कार के लिए किया। उधर, युवा पुरस्कार के लिए गठित निर्णायक मंडल में सम्मिलित मंत्रेश्वर झा, योगेंद्र पाठक वियोगी और डॉ. वैद्यनाथ चौधरी बैजू ने चंदन कुमार झा के कविता संग्रह को पुरस्कार के लिए चुना। उन्होंने बताया कि साहित्य अकादमी चयनित साहित्यकारों को यह पुरस्कार 14 सितंबर को आयोजित होने वाले समारोह प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि प्रो. पाठक मूलरूप से समस्तीपुर के मुजौना गांव के निवासी हैं और जन्म से ही दरभंगा में हैं। मैथिली के कवि, कथाकार, उपन्यासकार, समीक्षक, अनुवादक, पत्रकार एवं अभियानी के रूप में प्रो. अमलेन्दु शेखर पाठक स्थानीय एमएमटीएम कालेज के मैथिली विभाग में व्याख्याता है और इनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होने कई पुस्तकों एवं पत्र-पत्रिकाओं का संपादन भी किया है। वहीं, चंदन कुमार झा मधुबनी जिला के सड़रा गांव के निवासी हैं और कोलकाता में रहते हैं। 'मोनक बात' सहित इनकी भी कई किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। 

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