‘वीरेंद्र यादव न्‍यूज’ का विमर्श : दो विचारधाराओं के अं‍तर्विरोध को समझना सबसे बड़ी चुनौती

birendra-yadav-news-live-debate
मासिक पत्रिका ‘वीरेंद्र यादव न्‍यूज’ के तत्‍वावधान में आ‍ज ‘एजेंडा 2019’ को लेकर विमर्श का आयोजन किया गया। विषय था- सामाजिक और वैचारिक सरोकारों की राजनीतिक दिशा क्‍या हो। इसका आयोजन पटना के महुआ बाग (महिला पोलि‍टेक्निक के पास) स्थित शिशु उपवन स्‍कूल में किया गया था। विमर्श को लेकर अपनी बात रखते हुए ‘वीरेंद्र यादव न्‍यूज’ के संपादक वीरेंद्र यादव ने कहा अगला दो साल वैचारिक संघर्षों का साल रहेगा। एक तरफ केंद्र सरकार के नेतृत्‍व कर रही भाजपा की विचारधारा होगी तो दूसरी ओर भाजपा विरोधी विचारधारा। दोनों धाराओं के बीच सामाजिक और वैचारिक सरोकारों का अंतर्विरोध व्‍याप्‍त है। इस अंतर्विरोध को समझना ही इस समय की सबसे बडी चुनौती है। दोनों ही सामाजिक न्‍याय का लक्ष्‍य हासिल करने की बात करते हैं। पिछला लोकसभा चुनाव तो अतिपिछड़ा प्रधानमंत्री के नाम पर ही लड़ा गया था। लेकिन अगले लोकसभा चुनाव 2019 का एजेंडा बदल रहा है। उन्‍होंने कहा कि एजेंडे की दिशा तय करने में हमारी क्‍या भूमिका होगी। आज का विमर्श इसी बात पर केंद्रित होगा।


विमर्श को आगे बढ़ाते हुए सेवा बिहार के समन्‍वयक राकेश यादव ने कहा कि अगला लोकसभा चुनाव जमीनी स्‍तर पर हमारे सामाजिक और राजनीतिक दिशा को प्रभावित करेगा। बदलाव की दिशा हमारे पक्ष में हो, इसकी कोशिश हमें करनी चाहिए। एडीआर बिहार के समन्‍वयक राजीव कुमार ने चुनाव सुधारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चुनाव सुधार की प्रक्रिया में एडीआर की बड़ी भूमिका रही है। उन्‍होंने कहा कि 2019 का एजेंडा यह भी होना चाहिए कि चुनाव सुधार को अधिक जनहितकारी बनाया जाये। आपका आईना के संपादक डॉ राम अशीष सिंह ने कहा कि सामाजिक सरोकार और सामाजिक न्‍याय के लिए संघर्ष कर रहे लोगों की माइंडसेट बदलने की जरूरत है। हमें अपनी ही कमजोरियों के विश्‍लेषण की आवश्‍यकता है।

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ विनोद पाल ने कहा कि सामाजिक न्‍याय की धारा कमजोर होगी तो विरोधी पक्ष मजबूत होगा। आज सामाजिक न्‍याय के अंदर की चुनौतियां अधिक मुखर हो रही हैं और उन चुनौतियों को समझने की जरूरत है। समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्‍यक्ष सतीश चंद्र यादव ने कहा कि जब सरकार अल्‍पमत के वोट से बनेगी तो विकास की उम्‍मीद कैसे की जा सकती है। इसके लिए सिस्‍टम बदलने की जरूरत है। अधिवक्‍ता राहुल कुमार, शिक्षक कमलेश और युवजन सभा के प्रदेश प्रवक्‍ता अरविंद कुमार पंकज ने भी अपने विचार व्‍यक्‍त किये। इस मौके पर राजेंद्र सिंह, गजेंद्र कुमार, संजय कुमार, सुनील कुमार, राजकुमार यादव आदि मौजूद थे। कार्यक्रम के समापन से पहले समन्‍वयक वीरेंद यादव ने आगत अतिथियों का धन्‍यवाद ज्ञापन किया और विमर्श में शामिल होने के लिए आभार भी जताया।

Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...