बिहार का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता : नीतीश

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पटना 11 जून, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने न्याय के साथ राज्य के सर्वांगीण विकास की प्रतिबद्धता को दुहराते हुये आज कहा कि विरोधियों का काम हर मुद्दे पर राजनीति करना है और वह करते रहेंगे लेकिन उनकी सरकार का एजेंडा राज्य के प्रत्येक कोने का विकास करना है और इसके लिए पुरजोर कोशिश जारी है। श्री कुमार ने यहां रिमोट कंट्रोल के जरिये आरा-छपरा के बीच गंगा नदी पर नवनिर्मित उच्चस्तरीय एक्स्ट्राडोज्ड पुल वीर कुंवर सिंह सेतु और गंगा नदी पर दीघा-सोनपुर पुल (जेपी सेतु) के पहुंच पथ के लोकार्पण के साथ ही 138 अन्य योजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें अनेक पुल-पुलिया शामिल हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा, “चुनाव में महागठबंधन को विकास के लिए जनादेश प्राप्त हुआ था, जिसका सम्मान करते हुये हमारी पुरजोर कोशिश है कि न्याय के साथ राज्य का सर्वांगीण विकास हो।”  मुख्यमंत्री ने कहा, “बिहार में जिसकेे लिये काम हो रहा है उसे काम के बारे में पता है। उनके मन में किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं है। कुछ लोग तकरार करने में विश्वास रखते हैं तो वे करते रहें। लेकिन, हमलोग इससे विचलित नहीं होंगे। हम बिहार की तरक्की के लिये पूरी दृढ़ता और प्रतिबद्धता के साथ प्रयासरत रहेंगे।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सड़कों एवं पुल-पुलियों के रख-रखाव के लिये नई नीति बनायी है। ग्रामीण सड़कों का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ कराया जा रहा है। श्री कुमार ने कहा कि आज आरा-छपरा वीर कुंवर सिंह सेतु तथा दीघा-सोनपुर जेपी सेतु के पहुंच पथ का लोकार्पण हुआ है। केन्द्र सरकार ने पुल का निर्माण कर राज्य सरकार को सौंप दिया और पहुंच पथ का निर्माण राज्य सरकार को करना था। इसमें भूमि अधिग्रहण संबंधित कई अड़चनें थीं, जिन्हें दूर करते हुये बहुत कम समय में इस पहुंच पथ का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि आज 138 अन्य योजनाओं का उद्घाटन भी हुआ है जिसमें अनेक पुल-पुलिया शामिल है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि आरा-छपरा पुल का नाम वीर कुंवर सिंह के प्रति आदर और सम्मान प्रकट करने के लिए रखा गया है वहीं, निर्माण कार्य शुरू होने के दिन ही दीघा-सोनपुर पुल का नाम जेपी सेतु रख दिया गया था। उन्होंने कहा कि वीर कुंवर सिंह के विजयउत्सव का 160वां साल होने वाला है। अगले वर्ष वीर कुंवर सिंह के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान प्रकट करते हुये इस उत्सव को भी अच्छे ढंग से मनाया जाएगा। श्री कुमार ने दीघा-सोनपुर रेल पुल निर्माण के बारे में बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने तत्कालीन रेल मंत्री रामविलास पासवान के समय में इस पुल का शिलान्यास किया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 1998 में जब वह रेल मंत्री बनें तो पुल का निर्माण कार्य तेजी से कराने के लिए संबंधित परियोजना का अध्ययन करना शुरू किया तो पता चला कि यह योजना तो अभी मंजूर ही नहीं हुई है। तब उन्होंने इसका डीपीआर तैयार करवाया और केन्द्रीय मंत्रिमंडल से इसकी मंजूरी दिलायी। उन्होंने कहा कि दूसरी बार जब वे रेलमंत्री बने तो तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी से इस पुल का कार्यारंभ करवाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में जब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव रेलमंत्री बने तो यह परियोजना केवल रेल पुल से संबंधित थी। इस पर आपसी चर्चा के बाद इसका निरीक्षण और अध्ययन कराया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस रेल पुल पर सड़क पुल निर्माण की संभावना तलाशने के उद्देश्य से पुल के फाउंडेशन का विस्तृत अध्ययन किया गया और तकनीकी नतीजों के आधार पर रेल-सह-सड़क पुल पर काम शुरू हुआ और राज्य सरकार ने सम विकास योजना के अन्तर्गत इसे मंजूरी प्रदान कर दी। उन्हाेंने कहा कि रेल-सह-सड़क पुल के निर्माण में श्री लालू प्रसाद यादव का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि आरा-छपरा सेतु निर्माण का 2010 में निर्णय हुआ था। निर्माण के क्रम मेें कई समस्यायें आयीें। इस पुल का डीपीआर वर्ष 2010 में आई बाढ़ के उच्चतम स्तर के आधार पर बना था। उन्होंने कहा कि एक विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया जा रहा है जो देखेगी कि गंगा नदी के एप्रोच में और क्या मोडिफिकेशन करना पड़ सकता है। श्री कुमार ने कहा कि जब यहां एलिवेटेड एप्रोच रोड बन जायेगा तो पटना देश के विकसित शहरों की तरह दिखायी देगा। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू मार्ग जिसे आज भी लोग बेली रोड के नाम से जानते हैं पर लोहिया चक्र पथ बन रहा है। इस मार्ग पर फ्लाई ओवर बन जाने से दानापुर जाने में लोगों को कोई दिक्कत नहीं हो रही है। आवश्यकता के अनुसार जहां भी जरूरत है विकास का कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि आज इन पुलों के लोकार्पण से पता नहीं लोगों को क्यों एतराज है। 

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