जेएनयू छात्र नजीब की सूचना देने वालों को 10 लाख ईनाम : सीबीआई

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नयी दिल्ली, 29 जून, केन्द्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के लापता छात्र नजीब अहमद की सूचना देने वालों को 10 लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है। जेएनयू में जैव प्रौद्योगिकी के स्नातकोत्तर का छात्र नजीब 16 अक्टूबर 2016 को संदिग्ध परिस्थितियों में अपने होस्टल से लापता हो गया था। सीबीआई ने इसी महीने तीन जून को नजीब के लापता होने की जांच के लिये प्राथमिकी दर्ज की और आज उसकी सूचना देने वालों को 10 लाख रुपये का ईनाम देने का एलान किया। नजीब का पता लगाने में दिल्ली पुलिस के असफल रहने पर उसकी मां फातिमा नफीस ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। न्यायालय ने नजीब की खोज के लिये यह मामला सीबीआई को सौंपा था। नजीब अवकाश के बाद पिछले साल 13 अक्टूबर को विश्वविद्यालय वापिस आया था और 16 अक्टूबर से लापता है। उसने 15 और 16 अक्टूबर की रात को मां को फोन करके कहा था कि उसके साथ कुछ गलत हो गया है। यह बात नजीब की मां ने अपनी प्राथमिकी में लिखी है। उसके कक्ष के दोस्त कासिम ने नजीब की मां को यह जानकारी दी थी कि उसके साथ झगड़ा हुआ है और उसे चोट लगी है। श्रीमती फातिमा ने बताया था कि इस घटना के अगले दिन वह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से अपने बेटे से मिलने आयी थी। जब वह दिल्ली पहुंची तो नजीब से बात हुई और होस्टल में मिलने आने के लिये कहा। नजीब की मां ने अपनी शिकायत में कहा है कि जब वह होस्टल के कमरे में पहुंची तो नजीब वहां नहीं मिला और इसके बाद से उसकी कोई जानकारी नहीं मिली। दिल्ली पुलिस को इसकी जानकारी दी गयी लेकिन वह नजीब का पता लगाने में असफल रही। इसके बाद नजीब की मां ने न्यायालय का रूख किया और इस मामले की जांच सीबीअाई को सौंपने का आग्रह किया। दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश जी एस सिसतानी और रेखा पल्ली की खंड पीठ ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया।

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