किसानों को लेकर बेहद असंवेदनशील है केंद्र सरकार : कांग्रेस

congress-is-extremely-insensitive-to-farmers-congress
भोपाल, 13 जून, नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने आज केंद्र सरकार पर किसानों के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में संवाददाताओं से चर्चा में सुश्री चतुर्वेदी ने कहा - केंद्र ने कॉरपोरेट घरानों के डेढ लाख करोड़ के कर्ज माफ कर दिए, लेकिन वह किसानों के कर्ज नहीं माफ कर रही। - केंद्र सरकार की तीन साल की कथित असफलताओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भोपाल आईं सुश्री चतुर्वेदी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में किसान अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य पाने, कर्जमाफी और बिचौलियों की भूमिका कम करने के लिए जो आंदोलन कर रहे हैं, कांग्रेस पार्टी उसके समर्थन में है। उन्होंने कहा - एक नई सरकार, एक नए उत्साह और वादों के साथ सत्ता में आई थी। पिछले तीन साल में हर वादा सिर्फ चुनावी जुमला बताया गया है, सरकार हर वादे से पीछे हट गई है। आश्चर्य की बात ये है कि इसके बाद भी तीन साल का जश्न मनाया जा रहा है। - इस बात पर जोर देते हुए कि केंद्र सरकार ने पिछले साल देश की सकल घरेलू उत्पाद दर (जीडीपी) में इजाफे का प्रचार किया, हालांकि यह एक नए फार्मूले के आधार पर निकाली गई थी, उन्होंने कहा कि इसके बाद भी जीडीपी इस साल घट कर 6.1 फीसदी रह गई। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का तमगा एक बार फिर चीन के पास पहुंच गया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक फरवरी, 2016 में 5.3 फीसदी की वृद्धि दर पर था, वह इस साल मार्च में 1.9 फीसदी रह गया, इसी तरह बैंकों की कर्ज विकास दर भी पिछले 63 साल में सबसे कम रह कर 2016-17 में 5.3 फीसदी रह गई। उन्होंने आरोप लगाया कि न केवल किसान बल्कि रोजगार के साधन नहीं मिलने से युवा भी इस सरकार से परेशान हैं। भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता में आने पर हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन स्टार्ट अप इंडिया परियोजना भी रोजगार देने में असफल साबित हो गई। युवाओं के बीच रोष बढ़ रहा है। नोटबंदी पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए सुश्री चतुर्वेदी ने कहा कि केंद्र ने कहा था कि इससे आतंकवाद, काले धन और नकली मुद्रा पर रोक लगेगी, लेकिन इसका ऐसा कोई फायदा केंद्र सरकार साबित नहीं कर सकी।

Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...