भाकपा ने छात्रो के बंद का समर्थन किया और किसान हत्या की भर्त्सना की

8 जून को छात्रों के बिहार बंद का समर्थन

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पटना 07 जून। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिवमंडल ने 8 जून को वामपंथी छात्र.युवा संगठनों द्वारा प्रस्तावित बिहार बंद को समर्थन देने का निर्णय लिया है और अपनी तमाम इकाइयों का आह्वान किया है कि वे बंद को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर छात्रों .नौजवानों का सक्रिय सहयोग करें।  स्मरणीय है कि बिहार इंटर के परीक्षाफल में हुई व्यापक धांधली के विरूद्ध उठ रही छात्रों की आवाज और उनके प्रतिरोध को बर्बर पुलिसिया कार्रवाइयों के जरिए दबाये जाने के चलते उद्वेलित छात्र.युवाओं ने उक्त बंद का आह्वान किया है। उक्त आषय की जानकारी देते हुए पार्टी के राज्य सचिवमंडल सदस्य रामबाबू कुमार ने मूल्यांकन और परीक्षाफल में हुई धांधली के पैमाने को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीष कुमार से मांग की है कि इंटर की कापियों का पूर्णरूपेण पुनर्मूल्यांकन कराया जाए तभी लोगों का भरोसा पुनर्जीवित हो सकेगा। सीमित पुनर्मूल्यांकन के लिए शुल्क में किंचित कमी कर देने अथवा कंपार्टमेंटल परीक्षा करा देने से दागदार हो चुकी षिक्षा.परीक्षा व्यवस्था से लोगों का ध्यान नहीं हटाया जा सकता ।



मध्य प्रदेश में किसान हत्या की भर्त्सना

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव सत्य नारायण सिंह ने मध्यप्रदेष के मंदसौर में भाजपा सरकार की पुलिस द्वारा छः किसानों की हत्या की तीव्र भत्र्सना करते हुए कहा कि इससे भाजपा का किसान-विरोधी चेहरा बेपर्द हो गया है। ज्ञातव्य है कि कर्जमाफी और फसल की लाभकारी कीमत की मांग को लेकर हजारों किसानों ने हाइवे को जाम कर रखा था जिन पर सीआरपीएफ ने अंधाधंुध गोलियां बरसाकर कम से कम छः किसानों को मौत के घाट उतार दिया और दर्जनों को घायल कर दिया । अपने काले कारनामे पर पर्दा डालने के लिए अधिकारियों ने मनगढंत कहानी बनायी कि प्रदर्षनकारी किसान नहीं, बल्कि असमाजिक तत्व थे। सरकार की ओर से इसे कांग्रेस की चाल करार दिया गया। परंतु वास्तविकता तो यह है कि गोलीबारी से बच निकले किसानों के साथ-साथ मध्य प्रदेष भाजपा के अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चैहान तक ने सरकार और प्रषासन की झूठी कहानी को सिरे से खारिज कर दिया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने देषभर के किसानों से अपील की कि वे भाजपा के किसान पक्षी वायदों की हकीकत को पहचाने और किसान-हंता शासन को हर स्तर पर निर्णायक चुनौती देने के लिए उठ खड़े हों, चाहे वह मध्य प्रदेष हो, महाराष्ट्र हो या देष का कोई अन्य राज्य हो।
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