जीएसटी से जीडीपी नौ प्रतिशत तक पहुंचेगी : अमिताभ कांत

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नयी दिल्ली, 06 जून, नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने आज कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अर्थव्यवस्था के लिये बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगा और इससे नौ प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) मदद मिलेगी। देश की आजादी के बाद आर्थिक सुधारों की दिशा में इस सबसे बड़े कदम को 01 जुलाई से लागू करने के लिये पिछले काफी समय से नरेन्द्र मोदी सरकार हर संभव कदम उठाने में जुटी हुई है । शनिवार को हुई बैठक में सभी राज्यों ने 01 जुलाई से इसके क्रियान्वयन पर अपनी मोहर लगायी है। हालांकि पश्चिम बंगाल अभी जीएसटी को लागू करने में ना नुकुर करने में लगा हुआ है। श्री कांत ने आज यहां एक समारोह के दौरान कहा कि जीएसटी से देश का कराधान ढांचा बहुत सरल हो जायेगा और कर चोरों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी । उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से इस सबसे बड़े आर्थिक सुधार की बदौलत देश नौ प्रतिशत की जीडीपी को हासिल करने में सफल होगा । जीएसटी को देश के कर ढांचे के लिये क्रांति बताते हुए सीईओ ने कहा कि विशेषज्ञ भी यह मानते है कि दीर्घकालिक आधार पर जीडीपी को एक से दो प्रतिशत बढ़ाने में मददगार होगा और महंगाई भी दो प्रतिशत नीचे लाने में सहायक होगा । गौरतलब है कि पिछले साल 08 नवम्बर को नोटबंदी की बजह से 2016-17 में जीडीपी एक साल पहले की तुलना में करीब एक प्रतिशत गिरकर 7.। प्रतिशत रह गयी । समाप्त वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में भारत के हाथ से विश्व की सबसे तेज रफ्तार वाली अर्थव्यवस्था का तगमा छीन गया । जनवरी - मार्च 2017 में जीडीपी 6.1 प्रतिशत रही जबकि चीन की 6.9 प्रतिशत रही थी। शनिवार को हुई बैठक में सोना , बीड़ी, तेंदूपत्ता और फुटवियर समेत छह उत्पादों की दरें तय की गयी थी । जीएसटी परिषद की अगली बैठक 11 जून को होनी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी अगले महीने से शुरू होने वाले जीएसटी की तैयारियों का लेकर पूरी दिलचस्पी ले रहे है। कल एक उच्चस्तरीय बैठक में जीएसटी लागू करने की तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक में केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली , राजस्व सचिव हसमुख अधिया और केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सोने और कीमती धातुओं को छोड़कर अन्य सभी वस्तु एवं सेवाओं के लिये चार दरें पांच , 12, 18 और 28 तय हुई है। सोने और कीमती धातुओं पर तीन प्रतिशत तथा कच्चे हीरों पर 0.25 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। इससे पूरा देश एक बाजार के रूप में स्थापित हो जायेगा और सामानों की आवाजाही निर्बाध रूप से की जा सकेगी 

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