मधुबनी : बाढ प्रभावित इलाके में अवस्थित है .एडिशनल पीएससी बनाने की है दरकार

  • 60 वर्ष पुराना फिर भी हालत नही बदली, 

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अंधराठाढ़ी/मधुबनी (मोo आलम अंसारी) उप स्वास्थ्य केंद्र गंधराइन विभागीय उपेक्षा का शिकार है। बाढ़ प्रभावित इलाके में  स्थापित इस अस्पताल का मौजूदा हालत बद से बदतर बना हुआ है ।प्रखंड मुख्यालय से 14 किमी एवं अनुमंडल अस्पताल से 18 किमी की दुरी पर गंधराइन उप स्वास्थ्य केंद्र है . कमला नदी के पूर्वी  तटबंध भदुआर से महज 50 गज की दुरी पर अवस्थित यह उप स्वास्थ्य केंद्र 60 वर्ष पुराना है . अस्पताल के नाम से 27 कट्ठा जमीन भी उपलब्ध  है। वर्षो पूर्व समाज सेवी भूस्वामी स्व0जालंधर मिश्र एवं स्थानीय मुखिया स्व0 रविकांत झा ने अपनी निजी जमीन अस्पताल के नाम दान दिए थे . स्थापना काल में इस उपस्वास्थ्य केंद्र में अतिरिक्त प्राथमिक स्व० केंद्र की तरह सभी सुबिधा मुहैया थी।तीन स्टाफ क्वाटर के अलावे रोगी के उपचार केंद्र ,दवा स्टोर आदि की उत्तम व्यवस्था थी। स्टाफ क्वार्टर पूर्ण तया ध्वस्त हो गये  है। दो का भग्नावशेष मात्र है। एक  क्षतिग्रस्त भवन के एक कमरा में यहाँ पदस्थापित ए एन एम् रहती हैं। हाल के दिनों में एक छोटा सा गुमटी आकृति का दवा वितरण केंद्र यहाँ बनाया गया है। स्थापित कर्मी बैदेही देवी  के उनके मुताविक अपने स्तर से क्षतिग्रस्त भवन के जगह नये भवन स्वीकृति हेतु  कई बार विभाग को लिखी ।समस्या जस  की तस बनी हुई है. देख रेख के आभाव में अस्पताल की जमीन अतिक्रमित होती जा रही है। पुराने जर्जर भवन में अगल बगल के लोग माल मवेशी बांधने  का काम करते है। गत साल स्थानीय विधायक रामप्रीत पासवान ने अपने क्षेत्र विकास योजना से एक चापाकल मुहैया किया था  । स्थानीय जिला परिषद सदस्य संजय यादव के मुताविक गंधराइन उप स्वास्थ्य केंद्र को  अतितिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की मांग वर्षो पुराना  है . यहाँ चिकित्सको को स्थाई रूप से पोस्टिंग अनिवार्य है. कहते है प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ उमेश राय. ने पूछने पर बताया की गंधराइन उप स्वास्थ्य केद्र बाढ़ प्रभाबित इलाका में है। यहाँ आधुनिकतम मोडल का भवन, विजली ,पानी ,शौचालय एवं चारदीवारी की जरूरत हैं . सुधारी करण  के लिए उच्चाधिकारी को लिखा गया है. 

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