मधुबनी : 'फ्रेंड्स ऑफ आनंद के चेतन आनन्द नैंसी के गाँव 'अन्धरामठ' पहुंचे

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पिछले 25 मई 2017 को मधुबनी जिले के अन्धरामठ निवासी श्री रविन्द्र ना. झा की 12 वर्षीय बेटी नैंसी झा की अपहरण कर बर्बर हत्या कर दी गई । जैसी की चर्चाएआम है, हत्यारों ने हत्या पूर्व उसकी शील भंग बाद गला रेतकर पहचान मिटाने के लिए उसे एसिड से जला डाला । 'फ्रेंड्स ऑफ आनंद के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री चेतन आनन्द मधुबनी और सुपौल में अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ मातमपुर्सी में नैंसी के पैतृक गाँव 'अन्धरामठ' पहुँच कर परिजनों से मिल ढाढस बंधाया  ।घटनास्थल से लौटकर यहां जारीविज्ञप्ति में श्री चेतन ने कहा कि नैंसी की नृशंस हत्या अत्यंत शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है । घटना बेटियों के प्रति समाज की संकीर्ण मानसिकता को उजागर करती है । इसकी जितनी भी निंदा की जाय कम है । बेटी सर्व समाज की थाती है ।बेटी है, तो सृष्टि है ।बेटियों के प्रति समाज में अन्याय तब तक नहीं रुकेगा, जब तक हमारा नजरिया नहीं बदलेगा । ये किसी नैंसी की हत्या नहीं है, हमारी नैतिकता की हत्या है । यहाँ कोई नैंसी नहीं मरी है, एक बार फिर हमारा जमीर मरा है ।  ऐसी घटनाओं पर सभ्य समाज की चुप्पी अपराधियों का मनोबल बढ़ाता है।'फ्रेंड्स ऑफ आनन्द' द्वारा जमीनी स्तर पर राज्यभर में इसका विरोध जारी है ।


उन्होंने कहा कि न ब्राह्मण, न दलित, न अगड़ा, न पिछड़ा, न हिन्दू और न मुसलमान, बेटी तो सिर्फ बेटी होती है और अन्याय, सिर्फ अन्याय । सरकार जातीय आधार पर अन्याय का विभाजन न करें और इस दिशा में शीघ्र, समुचित कार्रवाई करे । इस नृशंस घटना में संलिप्त असली गुनहगार को सलाखों के अंदर धकेल कर सख्त से सख्त सजा दिलवाए । उन्होंने आगे कहा कि मैं स्वयं  मातमपुर्सी हेतु नैंसी के गाँव अन्धरामठ,इसलिये आया ताकि वस्तुस्थिति से अवगत हो सकूं  । उन्होंने राज्य सरकार द्वारा घटनाकी जाँच के लिए एस.आई.टी. के गठन और दोषी दरोगा के निलंबन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए यह मांग की कि मामले में दोषी बख्शें न जाए और निर्दोष फँसे नहीं । श्री चेतन ने कहा कि आज ऐसी घटना पर राजनीति करने की नहीं बल्कि मिलजुल कर कुछ सोचने और ऐसा करने की ज़रूरत है ताकि आगे से वहशीपन पर रोक लगाई जा सके । उन्होंने नैन्सी के परिजनों सुरक्षा देने और समुचित मुआबजे की भी मांग की ।  श्री चेतन के साथ संगठन के वरिष्ठ नेता श्री इंद्रदेव कुँवर, सुरेश सिंह, राज नारायण गुप्ता, शशिनाथ सिंह, विलक्षण मंडल, राजीव सिंह, मुखिया अशोक सिंह, बाबू साहेब, रामचन्द्र सिंह, वार्ड पार्षद रंजीत नायक, समरेंद्र, मंगेश, नितिन आदि प्रमुख थे ।
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