भारत के पास है पुराणों के रूप में अमूल्य थाती - प्रणव

india-has-priceless-in-form-of-purans
नयी दिल्ली 19 जून, राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने आज कहा कि पुराणों ने सदियों से भारतीय समाज के सामाजिक और सांस्कृतिक आचार, मूल्यों और बौद्धिक दृष्टिकोण को विकसित करने का काम किया है। श्री मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में अखिल भारतीय काशीराज न्यास द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘गरुड़ पुराण’( समालोचना संस्करण) की पहली प्रति ग्रहण करते हुये ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पुराणों के रूप में भारत के ज्ञान की विरासत और थाती असाधारण रूप से समृद्ध है और भारतीय समाज के सामाजिक एवं सांस्कृतिक आचार, मूल्यों और बौद्धिक दृष्टि को एक रूप देने में इन पुस्तकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। राष्ट्रपति ने प्राचीन पुस्तकों को संरक्षित और उनका प्रचार-प्रसार करने के लिए डॉ अनन्त नारायण सिंह और अखिल भारतीय काशीराज न्यास के प्रयासों की सराहना भी की। 

Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...