देश के सांस्कृतिक मूल्यों के विकास में जैन समाज अग्रणी : राजनाथ सिंह

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नई दिल्ली, 16 जून, केन्द्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश को तरक्की की ओर अग्रसर करने के लिए समाज एवं राष्ट्र का नेतृत्व करने वाले लोगों को चाहिए कि वे समाज को तोड़ने की बजाय जोड़ने का प्रयत्न करे। भौतिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों का विकास होगा तभी संतुलित विकास की अवधारणा मूर्त बनेगी। मुझे खुशी है कि जैन समाज के लोग सेवा, जनकल्याण, शिक्षा आदि गतिविधियों के साथ-साथ राष्ट्रीयता एवं सांस्कृतिक मूल्यों को समृद्ध बनाने के लिए सदैव प्रयत्नशील रहते हैं। श्री राजनाथ सिंह ने अपने निवास पर सुखी परिवार अभियान के प्रणेता गणि राजेन्द्र विजय के सान्निध्य में जैन समाज के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल से चर्चा करते हुए उक्त उद्गार व्यक्त किए। उन्होंने गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद् नित्यानंद सूरीश्वरजी के दीक्षा के 50 वर्ष की संपन्नता पर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की। श्री राजनाथ सिंह ने आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों के कल्याण के लिए गणि राजेन्द्र विजय जो प्रयास कर रहे हैं इस तरह के प्रयत्नों को आज बल देने की आवश्यकता व्यक्त की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल मंे अखिल भारतीय संयम तप अर्द्धशताब्दी महोत्सव समिति के अध्यक्ष श्री राजकुमार जैन, श्री शांतिलाल जैन-फरीदाबाद, श्री दीपक जैन, सुखी परिवार अभियान के राष्ट्रीय संयोजक श्री ललित गर्ग, श्री विजयानंद के संपादक श्री अशोक जैन सहित देश के विभिन्न भागों से आये अनेक विशिष्टजन शामिल थे। गणि राजेन्द्र विजय ने संयम तप अर्द्धशताब्दी महोत्सव के कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य नित्यानंदजी ने संस्कृति के उत्थान, राष्ट्रीय एकता, नैतिक मूल्यों के जागरण, नशामुक्ति, साम्प्रदायिक सद्भावना के लिए उल्लेखनीय उपक्रम किए हैं। श्री राजकुमार जैन एवं श्री शांतिकुमार जैन ने गृह मंत्री को आचार्य नित्यानंदजी का साहित्य भेंट किया। सुखी परिवार अभियान के संयोजक श्री ललित गर्ग ने गणि राजेन्द्र विजय की पुस्तक ‘सभ्यता की सुबह’ भेंट की। 

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