मधुबनी : अंधराठाढी में जीविका समूहो द्वारा दो हजार किचेन गार्डेन संचालित।

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अंधराठाढी/मधुबनी ( मोo आलम अंसारी ) अंधराठाढी। प्रखंड में श्रीविधि से दो हजार से अधिक किचेन गार्डेन संचालित हो रहे है। जीविका समूह से जूडी दीदी हरी सब्जी उत्पादन कर आर्थिक स्वावलम्बन की ओर बढ रही है। अंधराठाढी प्रखंड में 1747 जीविका समूह गठित है इनमें 1030 समूहो का बैंक लिंकअप हो गया है। तकरीवन 921 समूहो को परियोजना राशि भी विमुक्त कर दी गयी है।कुल समूहो मे से  740 समूहो को अब तक ऋण राशि मुहैया करा दी गयी है।उपरोक्त जानकारी प्रखंड  परियोजना प्रबंधक विजय कुमार राय ने दी । उन्होने वताया कि कुल 102 ग्राम संगठनो में से 71 ग्राम संगठन का भी बैंक लिकअप हो चुका हैं । पुरे प्रखंड के जिविका समूह तीन संकूलो में बाट दिये गये है। जिविका के कार्या के सफल संचालन वास्ते 147 जिविका मित्र 14 बूक कीपर , 01 मुख्य बूक कीपर और छः बैंक मित्र है। स्थानीय पंजाव नेशनल बेंक में 101 समूह, स्टेट बैंक अंधराठाढी में 96 समूह, इलाहावाद बेंक ननौर में 88 उत्तरविहार ग्रामीण बैंक महरैल मे152, रूद्रपुर में 152 गोनैली में 185अंधराठाढी 178 एवं भटसिमर में 97 जिविका समूहो का खाता संचालित हो रहा है। हाल के दिनो में 76 समूहो के बीच कृा विभाग के सहयोग से बीज उपलब्ध कराया गया है। जिविको पार्जन विशेज्ञ विनोद प्रसाद के मुताविक प्रखंड में किचेन गार्डेन के अलावे मूर्गी पालन भी चल रहा हैं । अंधराठाढी और मदनेश्वर स्थान में मूर्गी पालन का मदर यूनिट हैं । 250 परिवारो के बीच मूर्गी पालन हेतु 25 चूजा उपलव्ध कराये गये हैं । प्रखंड जीविका कार्यालय में परियोजना प्रबंधक के अलावे ,एक जिविकोपार्जन विशेज्ञ ,क्षेत्रीय समन्वयक ,07 कम्यूनीटी कोडिनेटर एवं एक लेखापाल कार्यरत हैं । कहते है परियोजना प्रवंधक  विजय कुमार राय - प्रत्येक परिवार में जीविकोपार्जन का साधन मुहैया कराना जीविका का मूल उदेश्य है। इसका लक्ष्य है कि समुदाय आधारित यह संस्था अपने बलबूते चलने लगे।
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