मधुबनी : प्रशासन के रवैये पर कई सवालिया निशान

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मधुबनी (दिनेश सिंह) : फूलपरास अनुमंडल के घोघरडीहा निवासी , ईटीवी पत्रकार सुरेश झा पर जानलेवा हमले के बाद , प्रशासन के रवैये पर कई सवालिया निशान उठने लगे है । सबसे पहला सवाल तो यही है कि , घटना के 72 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपी खुलेआम प्रशासन के निगरानी में घूम फ़िर रहे है । दूसरा ये कि पत्रकारों के प्रतिनिधि मंडल जब इस बावत जानकारी लेने थाना पहुँचती है तो पुलिस के द्वारा ,उनके साथ भी बदसलूकी की जाती है , हर हमेशा आरोपी को सह देने का काम करती है पुलिस ।    आल इंडियन रिपोर्टर असोसिएशन मधुबनी के जिला अध्यक्ष दिनेश सिंह ने खुद पीरीत पत्रकार सुरेश झा से सभी मुद्दो पर बात चीत की , जिसमें उन्होने बताया कि आरोपी फौजी का लड़का है एवं कई गलत धंधे में उसकी संलिप्तता है । उन्होने बताया कि चुनाव के वक्त  एक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर, एक करोड़ बाईस लाख रुपये ,के गबन मामले में ख़बर चलाया था । जिसका असर आरोपी के चुनाव समीक्षा पर भी पड़ा था । इसी रंजिश के कारण हर हमेशा जान से मारने के फिराक में था , जो घटना के दिन घट गया । ईश्वर की कृपा से जान बच गई । पीरीत सुरेश झा ने आशंका व्यक्त की है कि अगर आरोपी इसी तरह खुलेआम घूमते रहेंगे तो वो दुबारा हमपे हमला कर सकता है । वहीँ आईरा जिलाध्यक्ष दिनेश सिंह ने इस बावत फूलपरास डीएसपी ऊमेश्वर चौधरी से पूछताछ की तो डीएसपी ने सरासर आरोपी का बचाव किया है । डीएसपी ने बताया कि इन दोनो का झगड़ा आपसी रंजिश का है । दोनो चाचा - भतीजा है । डीएसपी ने चुनावी रंजिश के कारण मारपीट होने की बात भी कबूल की है । जब उनसे पूछा गया कि आरोपी के विरुद्ध आप क्या कार्यवाई कर रहे हैं , तो उन्होने पीरीत की इँज्युरी कम होने के कारण जमानत देने की बात कही , और आरोपी को जमानत भी दें दी । इससे यही साबित होता है कि हम पत्रकार अब गलत को ना देखे , ना सुने , और ना ही लिखे । अगर गलती से लिख दिया तो आरोपी जीने नहीँ देगा और पुलिस प्रशासन जिंदा रखकर तड़पा तड़पा कर मारेगी । अब तो पत्रकारों  को ईश्वर ही बचाए । इससे साफ जाहिर होता है कि चौथा स्तम्भ अब खतरे में है ॥

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