लालू के मंत्री पुत्र के नाम पेट्रोल पंप का आवंटन रद्द

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पटना 17 जून, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल(राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव के पेट्रोल पम्प का लाइसेंस भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड(बीपीसीएल) ने रद्द कर दिया है । बीपीसीएल पटना के क्षेत्रीय प्रबंधक मनीष कुमार ने लारा ऑटोमोबाईल के प्रोपराइटर श्री यादव को सूचित किया है कि पटना के चितकोहरा में पेट्रोल पम्प के आवंटन से संबंधित लाइसेंस को रद्द कर दिया गया । कम्पनी की ओर से बताया गया है कि जमीन का दस्तावेज नियमानुकूल नहीं पाये जाने के कारण यह कार्रवाई की गयी है । जमीन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिये श्री यादव को 29 मई नोटिस भेजा गया था जिसका वह उचित जवाब नहीं दे सके हैं। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार के उपक्रम बीपीसीएल ने 29 मई को स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री श्री यादव को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पटना के न्यू बाइपास रोड स्थित पेट्रोल पंप आवंटित कराने के संबंध में स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किया था। नोटिस में कहा गया था कि उन्होंने (श्री यादव) पेट्रोल पंप के लिए आवेदन करते समय बताया था कि उनके पास रिटेल आउटलेट के लिए आवश्यक जमीन पटना के चितकोहरा में राष्ट्रीय उच्च पथ 30 के बाइपास के किनारे प्लॉट संख्या 1616 और 1614 पर 43.535 डिसमिल जमीन उपलब्ध है जो ए. के. इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से है। नोटिस में कहा गया था कि आवेदन के समय उन्होंने अपने छोटे भाई और ए. के. इंफोसिस्टम्स के मालिक तेजस्वी यादव के द्वारा उनके पक्ष में सात जनवरी 2012 को किये गये रजिस्टर्ड लीज डीड 451 और 11 जनवरी 2012 के दो सहमति पत्र (एमओयू) की प्रति भी दी थी। उनके (श्री यादव) खिलाफ 28 अप्रैल 2017 को श्री चन्द्रशेखर और अन्य ने शिकायत की थी कि श्री यादव ने रिटेल आउटलेट के लिए झूठा दावा किया कि उनके पास जमीन है जबकि श्री यादव को जब पेट्रोल पंप आवंटित किया गया था उस समय उनके पास न तो जमीन थी और न ही इसके लिए कोई लीज एग्रीमेंट ही था। इतना ही नहीं श्री यादव ए. के. इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड में न तो निदेशक थे और न ही इस कम्पनी ने उनके साथ लीज एग्रीमेंट ही किया था ।


बीपीसीएल ने नोटिस में कहा था कि आवंटन की एक शर्त यह भी थी कि जिसे पेट्रोल पंप आवंटित किया जायेगा वह दिन प्रतिदिन डीलर के कामकाज को स्वयं देखेगा और यदि वह कहीं और नियोजित है तो उन्हें रिटेल आउटलेट लेने से पहले इस्तीफा देना होगा। नोटिस में कहा गया है कि श्री यादव बिहार के स्वास्थ्य, लघु जल संसाधन और पर्यावरण एवं वन विभाग के मंत्री का भी दायित्व संभाल रहे हैं जिसके कारण वह स्वयं डीलर के दिन प्रतिदिन के कार्यों को नहीं देख सकते हैं। ऐसे में यह रिटेल आउटलेट आवंटन की शर्त का उल्लंघन है । इस बिंदू पर श्री यादव के जवाब पर असंतोष जताते हुए बीपीसीएल ने कहा है कि राज्य सरकार में मंत्री पद की जिम्मेवारी संभालते हुए उन्हें नहीं लगता है कि श्री यादव स्वयं डीलर के कार्यों को दिन प्रतिदिन देख सकते हैं। यह रिटेल आउटलेट आवंटन की एक शर्त थी। गौरतलब है कि बिहार भारतीय जनता पार्टी विधानमंडल दल के नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने हाल ही में राजद अध्यक्ष श्री यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप लगाते हुये कहा था कि केन्द्र की तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2011 के दौरान राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष श्री यादव के बड़े पुत्र एवं वर्तमान में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने पटना के न्यू बाइपास स्थित बेउर के निकट गलत दस्तावेजों के आधार पर अधिकारियों की मिलीभगत से भारत पेट्रोलियम का एक पेट्रोल पंप अपने नाम करा लिया है। श्री मोदी ने कहा था कि श्री तेजप्रताप ने वर्ष 2011 में इस पेट्रोल पंप के लिए आवेदन किया और साक्षात्कार दिया था उस समय राष्ट्रीय उच्च पथ 30 पर न्यू बाईपास की 43 डिसमिल जमीन उनके पास नहीं थी। पटना के निकट बिहटा में बीयर फैक्ट्री लगाने वाले व्यवसायी अमित कत्याल ने नौ जनवरी 2012 को ए. के. इन्फोसिस्टम्स के प्रबंध निदेशक के नाते राजद अध्यक्ष के छोटे पुत्र तेजस्वी यादव को पेट्रोल पंप लगाने के लिए 136 डिसमिल जमीन लीज पर दी।
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