मोदी ने शीर्ष अमेरिकी कंपनियों के सीईओ से की मुलाकात

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वाशिंगटन, 26 जून, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी तीन देशों की यात्रा के दूसरे पड़ाव के तहत अमेरिका के वाशिंगटन पहुंचने के बाद पहले दिन वाशिंगटन के होटल विलार्ड इंटरकंटीनेंटल में दिग्गज कंपनियों के मुख्यकार्यकारी अधिकारियों के साथ गोलमेज बैठक की। यह बैठक सवा घंटे से ज्यादा समय तक चली। इस दौरान मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ट्रंप के फर्स्ट अमेरिका नीतियों के बीच तालमेल बैठाने को लेकर अमेरिकी कंपनियों के सीईओ से बातचीत हुई। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे में कारोबार और जीएसटी मुद्दे पर निवेशकों से बातचीत शीर्ष एजेंडे में है। श्री मोदी के साथ बैठक में एडोब के अध्यक्ष और सीईओ, चेयरमैन शांतनु नारायण, अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस, अमेरिकन टावर कॉरपोरेशन के सीईओ जेम्स टेकलेट, एप्पल के सीईओ टीम कुक, कैटरपिलर के सीईओ जिम यूम्पलेबाई, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, मरियोट्ट इंटरनेशनल के प्रमुख अर्ने सोरेनसन, जोन्सन एंड जोन्सन के एलेक्स गोर्स्की, मास्टरकार्ड के अजय बग्गा, वारबर्ग पिंचुस के चार्ल्स काये और कार्लिले ग्रुप के डेविड रुबेनस्टेन समेत 21 कंपनियों के सीईओ मौजूद रहे। इससे पहले अमेरिका की दिग्गज कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मोदी के साथ होने वाली इस मुलाकात को लेकर बेहद उत्साहित दिखे। इस बैठक का उद्देश्य भारत में निवेश को प्रोत्साहित करना था। दरअसल, जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) को लेकर विदेशी निवेशकों में तमाम आशंकाएं थी। ऐसे में यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। इससे निवेशकों को जीएसटी को समझने में भी मदद मिली। इससे पहले रविवार सुबह वाशिंगटन पहुंचने पर भारतवंशियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान श्री मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से हाथ मिलाया और अभिवादन स्वीकर किया। अभी तक श्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात नहीं हुई है। हालांकि श्री मोदी व्हाइट हाउस से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित दो सौ साल पुराने विलॉर्ड होटल में ठहरे हुए हैं। श्री मोदी ने कहा कि जीएसटी को लागू किये जाने का ऐतिहासिक फैसला अमेरिका के बिजनेस स्कूलों में अध्ययन का विषय हो सकता है। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने ट्वीट कर कहा कि सारी दुनिया भारत की ओर देख रही है। भारत सरकार ने 7,000 सुधार अकेले कारोबार सुगमता और न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन के लिए किए हैं। श्री बागले के मुताबिक श्री मोदी ने कंपनी प्रमुखों से कहा कि भारत की वृद्धि उसके और अमेरिका दोनों के लिए फायदेमंद है। अमेरिकी कंपनियों के सामने इसमें योगदान देने का एक महान अवसर है। वहीं, भारतीय मूल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि श्री मोदी भारत में निवेश आकर्षित करना चाहते हैं। आज दोपहर बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और श्री मोदी के बीच मुलाकात होगी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। दोनों नेताओं के बीच चीन की वन बेल्ट वन रोड परियोजना और आतंकवाद के पनाहगाह पाकिस्तान के खिलाफ सख्ती को लेकर भी बातचीत हो सकती है। अमेरिकी अधिकारियों की मानें, तो श्री मोदी का यह दौरा मेलमिलाप पर केंद्रित रहेगा। 

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