एक से अधिक गाड़ियां रखने वालों को देना होगा ज्यादा टैक्स : रघुवर

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रांची 05 जून, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज कहा कि राज्य में अब एक से अधिक गाड़ियां रखने वाले लोगों को दूसरी गाड़ी के लिए ज्यादा टैक्स देना होगा।  श्री दास ने आज यहां विश्व पर्यावरण दिवस पर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सरकार इसके लिए जल्द ही नियम बनायेगी। राज्य में बदल रहे पर्यावरण के लिए वातानुकूलित गाड़ियां भी जिम्मेदार हैं। बढ़ते वाहन यातायात परेशानी के साथ प्रदूषण के भी प्रमुख कारण हैं। इसके लिए राज्य सरकार सभी विभागों में समन्वय के लिए टास्क फोर्स बनायेगी। मुख्य सचिव के नेतृत्व में विभागों में पर्यावरण ऑडिट के लिए यह टास्क फोर्स काम करेगी। बढ़ता तापमान सभी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है जो बदलती जीवन शैली का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा, “झारखंड प्रकृति की गोद में बसा हुआ राज्य है। राज्य की परंपरा प्रकृति को पूजने की रही है। चाहे पेड़ हो या नदी-पहाड़, हम सभी को आराध्य मानते हैं। सरना समाज प्रकृति पूजक समाज रहा है। राज्य सरकार झारखंड में प्रकृति को बचाने के लिए कृत संकल्पित है। यदि हम आज नहीं चेते, तो पृथ्वी रहने लायक नहीं रहेगी और आनेवाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी। ये सारे प्रयास जनभागीदारी से ही संभव हैं। ” 


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कई एक्ट बनाये हैं लेकिन अब एक्ट के साथ एक्शन की भी जरुरत है। उन्होंने राष्ट्रीय गीत “सुजलम सुफलम मलयज् शीतलम” की पंक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जन भागीदारी से ही हम “वंदेमातरम” को अभिमान से कह सकेंगे। हम संसाधनों का संयमित उपयोग कर प्रकृति को बचा सकते हैं। हमारा प्रयास है कि प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न जैसा झारखंड पूर्वजों ने हमें दिया है, हम आनेवाली पीढ़ी को भी वैसा झारखंड सौंपे। श्री दास ने कहा कि क्लीन ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार सौर ऊर्जा पर जोर दे रही है। एल0इ0डी0 लाइट से न केवल प्रदूषण कम होता है, बल्कि बिजली की बचत भी होती है। जल संचयन और भूगर्भ जल के स्तर को बनाये रखने के लिए छह लाख डोभा निर्माण के साथ अन्य उपाय किये गये हैं। इसके अलावा राज्य सरकार पौधे लगाने की दिशा में काम कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण स्मारिका का विमोचन भी किया। साथ ही पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्य के जिलों में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया। साथ ही पर्यावरण बचाने के क्षेत्र में बेहतर काम करनेवाले उद्योगों को सम्मानित भी किया गया। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव सुखदेव सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण के प्रति पूरा विश्व चिंतित है। झारखण्ड सरकार काफी पहले से पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही है। राज्य सरकार 1000 मेगावाट बिजली सोलर एनर्जी से तैयार कर रही है। पिछले 17 वर्षों में राज्य में 24 करोड़ पेड़ लगाये गये हैं और इस वर्ष 2 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत लोगों के बीच एलपीजी गैस का वितरण किया गया है जिसके उपयोग से 10-15 प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज नए पेड़ लगाने से ज्यादा पुराने पेड़ को बचाने की आवश्यकता है। योजनाओं को लागू करने में भी पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखने की जरुरत है। वहीं, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले हमें सामान कागज के थैले में मिलता था लेकिन अब प्लास्टिक बैग का उपयोग हो रहा है। जल स्तर की कमी के कारण लोगों को पानी की समस्या हो रही है। सरकार ने विगत वर्षों में 06 लाख डोभा के माध्यम से भूमि जलस्तर को बढ़ाने का प्रयास किया है। साथ ही पुराने तालाब और छोटी परियोजनाओं का जिर्णोद्धार कर पानी की कमी को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। श्री कुमार ने कहा कि वर्ष 2030 तक विश्व की आबादी 07 बिलियन हो जायेगी जिसकी जरुरतों को पूरा करने में प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग होगा। ऐसे में हमें री-साइकिल पर जोर देने की जरुरत है। 

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