2 अक्टूबर से बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ सशक्त अभियान : नीतीश

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पटना, 09 जून बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि महात्मा गांधी के जन्मदिन 2 अक्टूबर से बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ सशक्त अभियान चलाया जायेगा। श्री कुमार ने नालंदा जिले के मोबारकपुर गांव में युवा एवं किसान जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुये कहा कि राज्य में पूर्ण शराबबंदी के बाद अब उनकी सरकार दो सामाजिक बुराइयों बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ दो अक्टूबर से सशक्त अभियान चलायेगी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह पर कानूनी तौर पर रोक है बावजूद अभी भी बाल विवाह देखा जाता है। शादी के समय लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि लड़की की शादी यदि कम उम्र में होती है और वह गर्भ धारण करती है तो बच्चे का विकास सही नहीं होता तथा शिशु को काफी कठिनाई होती है । उन्होंने सभी स्वयं सहायता समूह की दीदी, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं, समाजसेवियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया कि वे घर-घर जाकर इन बातों को बतायें और लोगों को जागरूक करें । 


श्री कुमार ने कहा कि दहेज लेने देने की प्रथा पहले संपन्न लोगों के बीच देखी जाती थी लेकिन अब यह प्रवृत्ति समाज के सभी वर्गों में देखी जाती है। यह एक विनाशकारी प्रवृत्ति है। उन्होंने बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ सरकार की ओर से चलाये जाने वाले अभियान के लिये तैयार रहने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि किसी शादी में दहेज लिया जा रहा है तो वे उसमें शामिल नहीं हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने युवाओं के लिये काफी काम किया है। उनकी सरकार की सोच है कि जब तक उच्च शिक्षा में युवा नहीं जायेंगे, तब तक विकास का सपना साकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बिहार में संस्थानों की कमी है। इसे देखते हुये हर जिला में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आई0टी0आई0), सभी अनुमण्डलों में आई0टी0आई0, ए0एन0एम0 कॉलेज, सभी जिलों में जी0एन0एम0 कॉलेज, पांच नये मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। श्री कुमार ने कहा कि राज्य में 12 वीं से आगे पढ़ने वाले छात्रों की संख्या मात्र 13.9 प्रतिशत है। इसका मुख्य कारण गरीबी है। उन्होंने कहा कि पहले गरीबी के कारण मां-बाप लड़कियों को प्राइमरी स्कूल के आगे नहीं पढ़ाते थे। इसको देखते हुये पोशाक योजना एवं साइकिल योजना की शुरूआत की गयी। इसके कारण जहां पहले वर्ग 9 में पढ़ रही लड़कियों की संख्या एक लाख 70 हजार थी, वह अब बढ़कर नौ लाख हो गयी है। उन्होंने कहा कि 12 वीं के आगे पढ़ने वाले इच्छुक छात्र-छात्राओं के लिये स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की शुरूआत की गयी है। इस योजना के तहत छात्र-छात्राओं को चार लाख रूपये तक की राशि उपलब्ध करायी जायेगी। राशि पर पूर्ण गारंटी राज्य सरकार देती है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा वैसे 20 से 25 साल के युवा जो रोजगार तलाश रहे हैं, उन्हें दो वर्षों तक एक हजार रूपये का स्वयं सहायता भत्ता उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि बाहर रोजगार तलाशने वाले युवाओं के लिये कम्प्यूटर का ज्ञान, हिन्दी, अंग्रेजी बोलने के साथ-साथ व्यवहार की कुशलता होनी चाहिये। ऐसे युवाओं के लिये कुशल युवा कार्यक्रम की शुरूआत की गयी है। इसके अलावा उद्यमी युवाओं के लिये वेंचर कैपिटल फंड बनाया गया है। श्री कुमार ने कहा कि महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिये सभी सरकारी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। अब तक तीन सौ संस्थानों में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध करा दी गयी है। उन्होंने कहा कि छात्र इस सुविधा का उपयोग ज्ञान अर्जन के लिये करें । मुख्यमंत्री ने सरकार के सात निश्चय से जुड़ी योजनाओं की चर्चा की और कहा कि इस साल के अंत तक राज्य में एक भी बसावट नहीं बचेगा, जहां बिजली नहीं पहुंचा दी जायेगी। इसके साथ साथ ही अगले साल के अंत तक सभी घरों तक बिजली पहुंचा दी जायेगी है। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों की इच्छा होती है कि उनके गांव में नाली और पक्की सड़क का निर्माण हो तथा शहरों की तरह उन्हें भी नल का जल उपलब्ध हो। उनकी सरकार सभी की भावनाओं को देखते हुये इन योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है । इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय शादिकपुर को उत्क्रमित कर उच्च विद्यालय बनाने की घोषणा की और कहा कि शादिकपुर में स्वास्थ्य उप केन्द्र की स्थापना भी की जायेगी। समारोह में नालंदा जिला के प्रभारी मंत्री शैलेष कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद श्री कौशलेन्द्र कुमार, विधायक चन्द्रसेन प्रसाद, जीतेन्द्र कुमार, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, हीरा प्रसाद बिन्द और श्रीमती रीना यादव समेत कई अन्य राजनीतिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। 

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