नीतीश ‘कुर्सी’ बचाने के लिए तेज प्रताप और तेजस्वी के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रहे हैं : सुशील

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पटना 17 जून, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने आज कहा कि कालाधन और बेनामी सम्पत्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पैरोकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी ‘कुर्सी’ बचाने के लिए अवैध सम्पत्ति का अम्बार खड़ा करने वाले अपने मंत्रियों तेज प्रताप और तेजस्वी यादव के खिलाफ कार्रवाई करने से बचना चाहते हैं। श्री मोदी ने यहां कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करते रहे हैं उन्हें बताना चाहिए कि उनकी इस नीति का क्या हुआ । वह अवैध सम्पत्ति का अम्बार खड़ा करने वाले अपने मंत्रियों तेज प्रताप और तेजस्वी यादव के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा रहे हैं । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बतायें कि क्या सरकार गिरने और कुर्सी जाने के डर से वह खुद कार्रवाई करने से बच रहे हैं तथा चाहते हैं कि केन्द्र कार्रवाई करें ताकि सांप भी मर जाए और लाठी भी नहीं टूटे। भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री बतायें कि उनकी नाक के नीचे पिछले एक साल से 750 करोड़ के मॉल का अवैध निर्माण पर्यावरण अधिनियम की धज्जियां उड़ा कर होता रहा लेकिन उन्होंने उसके खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई । उन्होंने कहा कि एमएलए (विधायक) को-ऑपरेटिव के बाईलॉज को ताख पर रख कर श्री लालू प्रसाद यादव ने करीब छह प्लॉटों को हथिया लिया लेकिन मुख्यमंत्री ने अब तक को-ऑपरेटिव को भंग कर एक से अधिक प्लॉट के आवंटियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की । श्री मोदी ने कहा कि बिना जरूरत के श्री तेजस्वी यादव के मॉल की मिट्टी को पटना के जैविक उद्यान (जू) में खपाया गया और इसके जरिए लाखों की आय अर्जित की गई । उन्होंने कहा कि मामला उजागर होने के ढाई महीने बाद भी कार्रवाई करने में मुख्यमंत्री के हाथ-पांव क्यों कांप रहे हैं । भाजपा नेता ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने औरंगाबाद में अपने नाम से खरीदी गई करोड़ों की 45 डिसमिल जमीन को घोषणापत्र में छुपा लिया, लेकिन मुख्यमंत्री ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बतायें कि बिहार विशेष न्यायालय अधिनियम के तहत मंत्री तेजप्रताप और तेजस्वी यादव के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति का मामला अब तक दर्ज क्यों नहीं किया है । 

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