ईवीएम चुनौती में किसी दल ने नहीं आजमाया हाथ

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नयी दिल्ली 03 मई, चुनाव आयोग ने बहुप्रतीक्षित ‘ईवीएम चुनौती’ का आज यहां आयोजन किया, जिसमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रतिनिधि आये लेकिन उन्होंने मशीनों में छेड़छाड़ या हैकिंग की कोई प्रयास नहीं किया। माकपा के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे यह साबित करने के लिए नहीं आये थे कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों(ईवीएम) में छेड़छाड़ की जा सकती है बल्कि वे इन मशीनों की प्रक्रिया विस्तार से समझना चाहते थे। राकांपा के प्रतिनिधियों ने भी ईवीएम की प्रक्रिया समझनी चाही और कहा कि उन्हें महाराष्ट्र में हुए नगर निगम चुनावों में इस्तेमाल की गयी ईवीएम मशीनों को लेकर संदेह है। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि माकपा और राकांपा ईवीएम चुनौती में शामिल होने के लिए आयी थीं लेकिन उन्होंने कहा कि वे ईवीएम की प्रक्रिया को विस्तार से समझना चाहते हैं। माकपा ने आयोग के तकनीकी समिति के सदस्यों के साथ बातचीत की और ईवीएम की प्रक्रिया को समझने के बाद इस पर संतोष जताया और सुझाव दिया कि आयोग को तकनीकी समिति के सदस्यों के साथ समय समय पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। आयोग ने उन्हें इस पर गौर करने का आश्वासन दिया। श्री जैदी ने बताया कि राकांपा के प्रतिनिधियों ने भी ईवीएम की प्रक्रिया को समझने की इच्छा जताने के साथ साथ ईवीएम का मेमोरी नम्बर और बैटरी नम्बर देने को कहा, जिस पर उन्हें बताया गया कि ईवीएम सीलबंद हैं और आयोग के अधिकारियों की उपस्थिति में ही उसे खोलकर ये दिये जा सकते हैं, जिस पर वे अपनी जांच कर सकते हैं। इसके बाद राकांपा प्रतिनिधियों ने भी ईवीएम में छेड़छाड़ साबित करने की प्रक्रिया में भाग नहीं लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राकांपा आयोग को आठ मुद्दे दिये हैं, जिस पर वह पार्टी को अलग से जवाब भेजेगा। पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद बहुजन समाज पार्टी तथा आम आदमी पार्टी समेत कुछ राजनीतिक दलों ने ईवीएम में गड़बड़ी किये जाने के आरोप लगाये थे और मांग की थी कि भविष्य में सभी चुनाव मतपत्रों के जरिये कराये जायें। इस पर आयोग ने स्पष्ट किया था कि उसकी मशीनों में किसी तरह की छेड़छाड़ संभव नहीं है और सभी दलों को इनमें छेड़छाड़ या हैंकिंग करके दिखाने की चुनौती दी थी और इसके लिए आज की तिथि तय की थी। इस पर माकपा और राकांपा ने इस चुनौती में शामिल होने का आवेदन दिया था लेकिन कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने आयोग की इसमें भाग लेने की शर्तों को कड़ा बताते हुए इसमें शामिल होने से इन्कार कर दिया था जबकि भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी तथा राष्ट्रीय लोकदल ने इस आयोजन को सिर्फ देखने की अनुमति मांगी थी।

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