बासुकिनाथ धाम पहुँचने वाले श्रद्धालु यहाँ से अच्छा संदेश लेकर जाएँ : डीसी.

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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव-2017 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए दुमका डीसी मुकेश कुमार ने दिन गुरुवार को बासुकिनाथ में विभिन्न कार्याें का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने कहा बासुकिनाथ धाम पहुँचने वाले श्रद्धालु यहाँ से अच्छा संदेश लेकर वापस अपने घर को जाएँ। निरीक्षण के दौरान वासुकिनाथ धाम गर्भगृह में लगे एसी को उन्होंने खराब पाया। न्यास समिति के सदस्यों ने डीसी को बताया कि दोनों एसी विगत वर्ष ही लगाये गये थे। डीसी ने बीडीओ, जरमुण्डी को निदेश दिया कि एसी लगाने के बाद 5 वर्ष तक के मेनटेनेंस का दायित्व संबंधित कंपनी की ही होती है, अतएव एसी लगाने वाले कंपनी को अविलंब बुलाकर ठीक करायें अन्यथा उनके विरूद्ध कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो दोनों एसी के अतिरिक्त सेंट्रल एसी भी लगाने की कार्रवाई करें। निरीक्षण के दौरान डीसी श्री कुमार ने गर्भगृह से नीर निकासी हेतु बनाये जा रहे नये नाले के निर्माण कार्य के लिए निदेश दिया और कहा कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ करायें एवं स्लैब से ढंकने के बाद इस मार्ग को पूर्ववतः समतल करा दें, ताकि लोगों को ठोकर ना लगे। विगत वर्ष नगर पंचायत क्षेत्र एवं मुख्यपथ पर स्ट्रीट लाईट लगाने का कार्य राज्यस्तर पर ईईएसएल कंपनी को दिया गया था, परन्तु लाईटें लगाने के कुछ दिनों के बाद ही अधिकांश लाईटें खराब हो गई थी जिसे ठीक कराने हेतु बार-बार अनुरोध के बाद भी कंपनी द्वारा ठीक नहीं करायी गई। डीसी ने ईईएसएल के प्रतिनिधि को निदेश दिया कि एक सप्ताह के अन्दर सभी खराब पड़े लाईटों को बदलकर ठीक किया जाय। मेला क्षेत्रांे में वाहन पार्किंग के सदर्भ में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जो स्थानीय व्यक्ति इच्छा अनुरूप अपनी जमीन पर वाहनों की पार्किंग के लिए स्थान देना चाहते हों वे सशुल्क अनुमति दे सकते हैं। प्राप्त आवेदनों के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा स्थल, शुल्क व वाहनों की श्रेणी निर्धारित की जाऐगी। कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, बासुकिनाथ को इस संदर्भ में इच्छा की अभिव्यक्ति के तहत अविलंब स्थानीय लोगों से आवेदन प्राप्त करने को कहा गया। कांवरिया रूट लाईन के निरीक्षण के दौरान डीसी ने नगर पंचायत को जल्द से जल्द रूट लाईन की सफाई का निदेश दिया एवं रूट लाईन पर रौशनी की व्यवस्था कराने का निदेश संबंधित अधिकारी को दिया। आवासन केन्द्र के स्थलों के निरीक्षण के दौरान डीसी ने कहा कि इस बात का ध्यान रखा जाय कि श्रद्धालुओं को विश्राम करने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। नगर पंचायत को निदेश दिया कि बस स्टैण्ड के सभी मास्क लाईट ठीक कराये जायें। साथ ही पेयजल हेतु खराब पड़े चापानलों को जल्द से जल्द ठीक कराये जायें।  डीसी ने कहा कि श्रावणी मेला से पूर्व बस स्टैण्ड के शौचालय निर्माण का कार्य पूर्ण हो जाय इसे सुनिश्चित किया जाय। न्यास समिति के सदस्यों द्वारा इस वर्ष मेला की बंदोवस्ती नहीं कराने का आग्रह किया गया क्योंकि बंदोवस्ती हो जाने से दुकानदार जहाँ-तहाँ अव्यवस्थित तरीके से दुकानें लगा देते हैं जिससे आवागमन में कठिनाई होती है। इस संदर्भ में डीसी द्वारा प्रखंड कार्यालय के विपरीत दिशा में स्थित खाली पड़े खास जमीन का निरीक्षण के पश्चात सुझाव दिया कि बंदोवस्ती कार्य मंदिर क्षेत्र के आस-पास नहीं कराकर इसी खाली पड़ी जमीन पर निःशुल्क मेला/स्टाॅल लगाने की अनुमति दी जा सकती है। मेले को सुव्यवस्थित ढंग से सजाने की जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होंगी। सुझाव पर उपस्थित स्थानीय लोगों द्वारा भी अपनी सहमति दी गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी, जरमुण्डी, अंचल अधिकारी, जरमुण्डी एवं कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, बासुकिनाथ को निदेश दिया कि इस संदर्भ में सर्वप्रथम स्थानीय बुद्धिजीवियों, पंडा समाज के सदस्यों वअन्य से विचार-विमर्श कर अवगत करायी जाए, तत्पश्चात अग्रतर निर्णय लेने की बात कही गई। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक मयूर पटेल, पूर्व सांसद अभयकान्त प्रसाद, अध्यक्ष नगर पंचायत बासुकिनाथ मंटु लाहा, पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष मनोज पंडा, विधायक प्रतिनिधि कुन्दन पत्रलेख, सभी संबंधित विभागीय पदाधिकारी, मंदिर न्यास समिति के सदस्यगण सहित स्थानीय लोग उपस्थित थे। 

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