राहुल के मध्यप्रदेश दौरे से बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, हिंसाग्रस्त जिलों में शांति

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भोपाल, 08 जून, पिछले कई दिन से किसान आंदोलन के चलते हिंसा की चपेट में आए मध्यप्रदेश में आज कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के दौरे ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी। हालांकि हिंसाग्रस्त सभी जिलों में स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है। मंदसौर जिले में गोलीबारी में छह किसानों की मौत के बाद लगे कर्फ्यू में आज शाम दो घंटे की ढील भी दी गई। शाजापुर में उपद्रवियों ने कुछ वाहनों में आग लगाई और अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) के साथ मारपीट की। प्रदेश में पहले की तुलना में हालात काफी हद तक काबू में है, बावजूद इसके पुलिस प्रशासन बेहद ऐहतियात बरत रहा है। मंदसौर जिले में गोलीबारी में मृत किसानों के परिजन से मिलने आए श्री गांधी को आज नीमच जिले में गिरफ्तार कर लिया गया। श्री गांधी ने गिरफ्तारी से पहले मीडिया से चर्चा में आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार अमीरों के लिए काम करने वाली और किसान विरोधी है। बडे उद्योगपतियों के डेढ लाख करोड़ के ऋण माफ कर दिए गए और किसानों के लिए सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें मध्यप्रदेश में भी किसानों से मिलने से रोका जा रहा है, इसी तरह का व्यवहार उत्तरप्रदेश में भी किया गया था। गिरफ्तारी के बाद श्री गांधी ने किसानों के परिजन की अनुमति नहीं मिलने तक जमानत से इनकार किया। बाद में प्रशासन द्वारा किसानों के परिजन से मिलाने के आश्वासन के बाद उन्होंने मुचलका भरा। इसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच कार से मध्यप्रदेश-राजस्थान सीमा पर स्थित एक गांव में किसानों के परिजन से मिलाने ले जाया गया। श्री गांधी के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ, राजस्थान के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और जनता दल यूनाइटेड प्रमुख शरद यादव वहां गए। वहीं मंदसौर जिले में दो दिन से लगाया गया कर्फ्यू अब भी जारी है। आज उसमें शाम चार से छह बजे तक दो घंटे की छूट दी गई। इसमें लोगों ने बाजार से आवश्यक सामग्री खरीदी। स्थिति सुधरने पर प्रशासन ने कल छूट की अवधि बढ़ाने के संकेत दिए हैं। शाजापुर जिला मुख्यालय पर आज मंडी में प्याज खरीदी का विरोध कर रहे उपद्रवियों ने एक ट्रक और तीन-चार बाइक में आग लगा दी। उपद्रव कर रहे लोगों ने एसडीएम राजेश यादव और कुछ मीडियाकर्मियों के साथ जमकर मारपीट भी की। उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए आंसू गैस और हवाई फायरिंग का सहारा लेना पड़ा। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने वहां निषेधाज्ञा लागू कर दी। कल राजमार्ग पर हिंसा की कई घटनाओं के सामने आने के बाद देवास जिले में भी आज सुबह से शांति कायम है। कल यहां उपद्रवियों ने यात्री बसों को निशाना बनाने के साथ कई अन्य वाहनों को भी चपेट में ले लिया था। सीहोर में भोपाल-इंदौर राजमार्ग पर अमलाहा टोल प्लाजा पर नजदीकी गांवों के ग्रामीणों ने एकत्रित होकर प्रदर्शन करते हुए पथराव कर दिया। पुलिस बल ने फौरन सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए अश्रु गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद उपद्रवी शांत हो गए। पुलिस अधीक्षक मनीष कपूरिया ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के पथराव में एक पुलिसकर्मी घायल है, जिसका उपचार किया जा रहा है। वहीं प्रदेश के गुना में भी आज रेल रोकने की कोशिश कर रहे 90 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। राजधानी भोपाल में भी श्री गांधी की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

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