2018 तक खुले में शौच से मुक्त होगा झारखंड : रघुवर

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रांची 09 जून, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज कहा कि उनकी सरकार प्रदेश की सफाई  को लेकर पूरी तरह कटिबद्ध है और उनका लक्ष्य वर्ष 2018 तक झारखंड को पूरी  तरह खुले में शौच की गंदी आदत से मुक्त करने का है। श्री दास ने यहां झारखण्ड मंत्रालय में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित ओ0डी0एफ (खुले में शौच से मुक्त) कनक्लेव को संबोधित करते हुए कहा, " सरकार प्रदेश के विकास के लिए कृतसंकल्पित है। सामाजिक परिवर्तन में समय लगता है। हमारी आलोचना होगी  लेकिन हम लगातार प्रयास करते रहेंगे। छोटे-छोटे कार्य  से ही बड़ा बदलाव संभव हो पाता है। झारखण्ड अमीर राज्य है लेकिन लोग  गरीब हैं। सरकार बुनियादी सुविधाओं एवं आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। " मुख्यमंत्री ने 'खुले में शौच मुक्त' झारखंड की चर्चा करते हुए कहा कि टाटा स्टील के सहयाेग से रांची से बहरागोड़ा तक सड़क के किनारे सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जायेगा। इसी प्रकार राज्य के  अन्य महत्वपूर्ण सड़कों के किनारे भी विभिन्न कंपनियों द्वारा  कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सी0एस0आर) के तहत सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया जायेगा। इससे यात्रियों को सुविधा भी होगी एवं ओ0डी0एफ0 की दिशा में यह कारगर कदम होगा। 


श्री दास ने कहा कि राज्य सरकार, कॉरपोरेट सेक्टर, स्वयंसेवी संस्था, मीडिया एवं जनता सभी एक साथ मिलकर झारखण्ड को 2018 तक ओ0डी0एफ0 करेगी। विगत दिनों झारखण्ड में सी0एस0आर0 काउंसिल का गठन किया गया। सी0एस0आर0 के तहत खर्च किये जाने वाले 02 प्रतिशत राशि में से 01 प्रतिशत राशि काउंसिल के माध्यम से खर्च करने का प्रावधान किया गया है। सी0एस0आर0 काउंसिल द्वारा राज्य के लिए तीन प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं जिसमें राज्य को ओ0डी0एफ0 करना, पूरे राज्य में पाईप जलापूर्ति योजना को लागू करना और राज्य को कुपोषण से मुक्त करना शामिल है। प्रदेश सरकार इस पर गंभीरतापूर्वक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा डिस्ट्रिक्ट माइनरल फाउंडेशन के गठन एवं इससे प्राप्त होने वाले राजस्व के 30 प्रतिशत राशि का उपयोग संबंधित क्षेत्रों के विकास पर किये जाने वाले ऐतिहासिक निर्णय से विकास कार्य में तेजी आयी है। इस मद में प्राप्त राशि से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 1500 करोड़ की लागत से पाईप जलापूर्ति योजना को कार्यान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में पाईप वाटर सप्लाई 12 प्रतिशत से बढ़कर 30 प्रतिशत तक हो गयी है। ओ0डी0एफ0 के तहत निर्मित किये जाने वाले शौचालय को स्वच्छ रखने में यह जलापूर्ति योजना सहायक सिद्ध होगी। श्री दास ने कहा कि सामाजिक परिवर्तन में समय लगता है। हमारी आलोचना होगी लेकिन हम लगातार प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने जमशेदपुर की एक छोटी बच्ची का उदाहरण देते हुए कहा कि एक छोटी बच्ची ने अपने पॉकेट खर्च का पैसा बचाकर एक गरीब के शौचालय का निर्माण कराया। उन्होंने कहा, "यह छोटा प्रयास बतलाता है कि हम बदलाव के डगर पर चल पड़े हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने समाज के अंतिम व्यक्ति को भी सामाजिक कुरीतियों एवं अंधविश्वास के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ा। आज ज्ञान आधारित युग में भी लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं। हमारी मां-बहनें भी खुले में शौच के लिए जाती हैं। यह कलंक की बात है। हमने इस कलंक को मिटाने का प्रण लिया है।"


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 25 प्रखण्डों, 742 ग्राम पंचायतों तथा 5136 राजस्व ग्रामों को अबतक खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका है। प्रदेश के अन्य 35 प्रखंड भी इस माह के अंत तक ओ0डी0एफ0 हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में कुल 12.71 लाख शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। साल 2018 तक पूरे राज्य को ओ0डी0एफ0 करने का लक्ष्य है।       श्री दास ने कहा कि समय के साथ सोच बदलने की भी जरूरत है। क्या जबतक सफाई कर्मचारी नहीं आएंगे तबतक सफाई नहीं होगी। इस सोच को बदलने की जरूरत है। ग्रामीण परिवेश में लोग आज भी स्वयं सफाई करते हैं। सफाई के लिए सामूहिक प्रयास करना ही पड़ेगा। कनक्लेव में टाटा स्टील के वाईस प्रेसिडेंट सह सी0आई0आई0 झारखण्ड के चेयरमेन सुनील भास्करण, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव  ए0पी0सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सुनील कुमार वर्णवाल, स्वच्छता मिशन के निदेशक राजेश शर्मा, सी0आई0आई0 के संजय पटनायक एवं श्री राहुल सिंह समेत विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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