कुलपति बनकर नहीं, एक कुलसेवक बनकर विश्विद्यालय की सेवा करना चाहता हूँ-डा0 मनोरंजन प्र0 सिन्हा

शैक्षणिक सत्रों का अनियमित होना ही विश्वविद्यालय के लिये सबसे बड़ा अभिशाप है। विश्वविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण अनुकरणीय हों। शिक्षकों व बिद्यार्थियों के बीच का संबंध बेहतर हो। इस वर्ष ही विश्वविद्यालय में सीबीसीएस (च्वाईस बेस्टस क्रेडिट सिस्टम) प्रारंभ कर दिया जाएगा। सेंट्रल तसर रिसर्च एण्ड इन्स्टीट्यूट के साथ विश्वविद्यालय में तसर इन्स्टीट्यूट के लिये शीघ्र ही होगा एमओयू।  टिटोरियल क्लासेज के लिये आईआईटी मुम्बई के साथ एमओयू होगा। नैक (एनएएसी) के लिये हमारी तैयारी प्रारंभ हो चुकी है। सूबे की कल्याण मंत्री व दुमका की विधायक डा0 लुईस मराण्डी के विधायक निधि से विश्वविद्यालय को शीघ्र ही प्राप्त होगा बस, इससे छात्रों को विश्वविद्यालय तक पहुँचनें में होगी सहुलियत।  




vc-dumka-manoranjan-prasad-singh
दुमका (अमरेन्द्र सुमन) सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय राज्य के श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों के समकक्ष खड़ा हो। इस विश्वविद्यालय का शैक्षणिक वातावरण अनुकरणीय हों। शिक्षकों व बिद्यार्थियों के बीच का संबंध बेहतर हो। डिग्री व पीजी की सभी परीक्षाएँ तय समय पर संपन्न हों। सत्र नियमित हो तथा विश्वविद्यालय की आधारभूत संरचना में कोई कमी नहीं रह जाएं। इस विश्वविद्यालय के लिये मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताएँ हैं। स्थानीय पत्रकारों के साथ पहली दफा प्रेस वार्ता करते हुए उपरोक्त बातें सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका में वर्तमान कुलपति डा0 मनोरंजन प्र0 सिन्हा ने कही। कुलपति डा0 सिन्हा ने कहा कि वे कुलपति बनकर नहीं बल्कि एक कुलसेवक बनकर इस विश्वविद्यालय की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा एक कुलसेवक के रुप में इस विश्वविद्यालय के लिये तीन वर्षों का अवसर उन्हें प्रदान किया गया है। अपने तीन वर्षों के कार्यकाल में इस विश्वविद्यालय के लिये उनसे जो भी बन पड़ेगा वे करने से हिचकेंगे नहीं। कुलपति डा0 सिन्हा ने कहा कि सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय राज्य का दूसरा विश्वविद्यालय बने इसकी सारी संभावनाओं पर हमें विचार करना होगा। राँची विश्वविद्यालय, राँची व विनोवा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग इस विश्वविद्यालय से काफी आगे हैं। उन्होनें कहा शैक्षणिक सत्रों का अनियमित होना ही विश्वविद्यालय के लिये सबसे बड़ा अभिशाप है। इससे बिद्यार्थियों व उनके अभिभावकों का अहित होता है। 5-5 वर्ष लग जाते हैं छात्रों को। एक वर्ष के अन्दर सत्र नियमित करना हमारी प्राथमिकता है। कुलपति डा0 सिन्हा ने कहा कि थ्री ईयर डिग्री (सत्र 2017-20) कोर्स के लिये आवेदन जमा करने की तिथि 02 जून से 20 जून तक रखी गई है। प्रवेश के लिये 21 जून से 30 जून तक तथा 01 जूलाई से कमेंट आॅफ क्लासेज पर अंतिम निर्णय लिया गया है। कुलपति ने कहा 01 जुलाई से 31 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन की तिथि निर्धारित की गई है। 15 सितम्बर से 20 सितम्बर 2017 तक प्रथम इंटरनल परीक्षा, 15 नवम्बर से 20 नवम्बर 2017 तक द्वितीय इंटरनल परीक्षा पर मोहर लगा दिया गया है। 25 नवम्बर से 30 नवम्बर 2017 तक परीक्षा फाॅम भरा जा सकेगा। 07 जनवरी 2018 को परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया जाऐगा। कुलपति डा0 सिन्हा ने कहा एकेडमिक बिल्डिंग की कमी को पूरा करना मेरी प्राथमिकता है। इस बिल्डिंग में तकरीबन 50 क्लासरुम होगें। दुमका से दिग्घी स्थित विश्वविद्यालय परिसर तक पहुँचने में बच्चों को काफी परेशानी होती है। दुमका से विवि व विवि से वापस दुमका लौटने तक एक-एक बिद्यार्थी को तकरीबन 40 से 50 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इस समस्या का समाधान ढूँढा जा रहा है। इस कमी को दूर करने के लिये स्थानीय विधायक व सूबे की कल्याण मंत्री डा0 लुईस मराण्डी से विमर्श हो चुका है। विश्वविद्यालय प्रशासन को आश्वस्त करते हुए उन्होनें कहा कि विधायक निधि से विश्वविद्यालय को एक बस उपलब्ध कराया जाऐगा। और भी बसें विश्विद्यालय को प्राप्त होंगी। कला, संस्कृति एवं खेलकुद मंत्री अमर बाउरी से भी बात हो चुकी है। कला संस्कृति विभाग से विश्वविद्यालय परिसर में एक स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति डा0 मनोरंजन प्र0 सिन्हा ने कहा कि पत्रकारों से अनुरोध होगा कि वे भी विश्वविद्यालय की कमियों पर घ्यानाकर्षण करावें ताकि एक-एक कमियों पर विश्वविद्यालय प्रशासन सूक्ष्म दृष्टि से सोंचते हुए काम कर सके। इस विश्वविद्यालय के लिये एक अच्छा प्रशासनिक माहौल हो, यह विश्वविद्यालय अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में श्रेष्ठ साबित हो, इसकी कल्पना हमारी सांेच है। उन्होंने कहा एक केलेण्डर वर्ष में स्पोर्टस इवंेट, कल्चरल इवेंट, परीक्षा व अन्य को पूरी तरह फिक्स्ड कर दिया गया है। कुलपति डा0 सिन्हा ने कहा इस वर्ष से विश्वविद्यालय में सीबीसीएस (च्वाईस बेस्टस क्रेडिट सिस्टम) प्रारंभ कर दिया जाएगा। राँची विवि, विनोवा भावे विवि व कोल्हान विवि में यह चालू हो चुका है। नीलाम्बर-पिताम्बर विवि में अभी यह चालू नहीं हुआ है जबकि एसकेएमयू में इस वर्ष से चालू किया जा रहा है। उन्होंने कहा नैक (एनएएसी) के मामले में विनोवा भावे विवि विश्वभारती के रैंक बी $ $ (बी प्लस-प्लस) तक पहुँच चुका है। कोल्हान व राँची भी बी $ $ (बी प्लस-प्लस) तक पहुँच चुका है। हमारी तैयारी अभी प्रारंभ होगी। उन्होंने कहा नैक (एनएएसी) के लिये सेल्फ स्टडी रिपोर्ट, कम्पयूटर सेंटर, जीम, फंगसनिंग कैंटिंग, हेल्थ संेटर की आवश्यकता होती है। एस पी काॅलेज, देवघर काॅलेज, देवघर, आर डी बाजला काॅलेज, देवघर व साहेबगंज काॅलेज, साहेबगंज नैक हो चुके हैं। राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान से 260 करोड़ इस राज्य को प्राप्त हुए थे।  पिछले मार्च तक उपरोक्त के तहत फंड प्राप्त हुआ था। इस वर्ष न्यू एलाॅटमेंट प्राप्त नहंी हुआ है। कुलपति डा0 सिन्हा ने कहा सेंट्रल तसर रिसर्च एण्ड इन्स्टीट्यूट के साथ तसर इन्स्टीट्यूट के लिये विवि एमओयू करने जा रहा है। टिटोरियल क्लासेज के लिये आईआईटी मुम्बई के साथ एमओयू होगा। इससे बच्चे आॅनलाईन क्लास व सर्टिफिकेट प्राप्त कर पाऐगें। इसके लिये विश्वविद्यालय में छः सेंटर बनाए जाऐगें। एसकेएमयू का अपना एक मोबाईल ऐप होगा। स्टूडेन्ट फ्रेण्डली, व गार्जियन फ्रेण्डली विश्वविद्यालय होगा। पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिये विश्वविद्यालय ई-रिक्सा को प्रश्रय देना चाहती है। विश्विद्यालय स्तर पर ई-रिक्सा हो इसके लिये तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा विश्विद्यालय के प्रशासनिक पदाधिकारियों यथा रजिस्ट्रार, वित्त पदाधिकारी, परीक्षा नियंत्रक का पद शीघ्र ही भरा जाएगा। लेक्चरर के कुछ काॅन्ट्रेक्चुअल पदों को भी भरा जाना है। 

Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...