बेतिया : प्रशासक फादर लौरेंस पास्कल करें हस्तक्षेप

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दुसैया. बेतिया धर्मप्रांत में है गवादलुपे दुसैया पल्ली. इस समय कार्यरत हैं फादर जोसेफ डिसूजा. फादर पर आरोप लगाया जा रहा है कि मनमौजी रूख वाले हैं और तो और पल्ली के लोगों के साथ मिलकर कार्य करने पर विश्वास नहीं करते हैं. इसके आलोक में क्षण भर में पल्ली परिषद को भंग कर दिये. प्रथम चरण में सफल होने के बाद द्वितीय चरण में अपने सहकर्मी फादर रिचर्ड किरों का पता काट दिया. युवाओं के चहेते फादर किरों का स्थानान्तरण करवाने में अहम किरदार अदा कियेे. लोक विरोधी कार्य करने से दुसैया पल्ली में कार्यरत याजक वर्ग (पुरोहित) और अयाजक वर्ग (लोकधर्मी) आमने-सामने आ गये हैं.फादर रिचर्ड किरों द्वारा युवाओं के बीच में जबर्दस्त पैठ हो गयी थी. युवाओं के कार्य में दिलचस्पी लेना और सैर सफार्टा करवाने में नो आब्जेक्शन कर देते थे. इसके कारण फादर जोसेफ के निशाने पर फादर किरों आ गये थे. इस बुनियाद पर दुसैया से अन्यत्र जगह भेज दिये. इसी को मुद्दा बनाकर यूथ आक्रोशित हो उठे हैं.जो कभी भी विस्फोटक रूप ले सकती है. इस याजक (जोसेफ) की दादागीरी से अयाजक वर्ग खिन्न है. यह लाजमी भी है. रोम में बैठे पोप द्वारा 1962 में द्वितिय वाटिकन सभा आयोजित की गयी. मौके पर दस्तावेज तैयार किया गया. इसे कैनन लॉ कहा जाता है.याजक और लोक धर्मियों के कार्यों को परिभाषित की गयी है. पॉस्टरल कांउसिल के तहत 'पल्ली परिषद' को रखी गयी है.यह एडवाइजरी बॉडी है. मगर अपने हित में कानून भी बनवा लेते हैं जनहित कार्य करने पर पल्ली परिषद को सूली पर टांग देते हैं. जो गवादलुपे दुसैया में की गयी है. पल्ली परिषद को तोड़ देने के बाद यूथ को विश्वास में लिया गया. बेतिया से दुसैया तक मां गवादलुपे की आदर में यात्रा निकलती है. यूथ ने शानदार कार्य किया.कब्रिस्तान में मिट्टी भरायी किये. गोबर और मानव मल की सफाई की गयी.यह सब कार्य फादर रिचर्ड किरों के कुशल नेतृत्व में किया गया. इससे प्रसन्न हो यूथ और फादर पिकनिक पर गये, जो गले की हड्डी साबित हो गयी. लोकधर्मियों के मिलनसार फादर किरों को को हटा दिया गया.लोक भावनाओं के विपरित कार्य करने वाले फादर जोसेफ से यूथ घबड़ाने लगे हैं. यूथ सोचते हैं कि जिस प्रकार फादर जोसेफ ने ने पल्ली परिषद को तोड़ दिया है, उसी यूथ को भी तोड़ देंगे. इसके आलोक में बेतिया धर्मप्रांत के प्रशासक फादर लौरेंस पास्कल, येसु समाजी से यूथ ने मांग की है कि पल्ली परिषद को संगठित करना, फादर जोसेफ डिसूजा को अन्यत्र भेज देना आदि है. इसमें प्रशासक लौरेंस पास्कल से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया है.

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