मधुबनी : अच्छी ख़बर , सिमरी में बलि प्रदान की प्रथा समाप्त ,

  • किसी की जान लेकर अपनी मनोकामना पूरा नहीँ कर सकते, भगवती पूजा हर्षौल्लास के साथ मनाया गया , अच्छी बारिश , अच्छी फसल एवं महामारी से बचने के लिये की जाती हैं ग्राम देवता की पूजा॥

bali-less-pooja-rajnagar
राजनगर/मधुबनी (दिनेश सिंह) राजनगर प्रखंड अन्तर्गत सिमरी गोठ गाँवमें भगवती पूजा ,हर्षौल्लास से मनाया गया । ये पूजा ग्राम देवता के पूजा के नाम से भी जाना जाता है । ग्रामीणों के मुताबिक , गाँव में महामारी से बचने के लिये एवं अच्छी बारिश के साथ साथ अच्छी फसल की कामना के लिये ग्राम देवता का पूजन किया जाता है । ये पूजा आदिकाल से होता आया है । पहले के पूजा एवं वर्तमान के पूजा में काफी अंतर देखने को मिलता है , जैसे पहले पूजा के साथ जब पशु की बलि ना चढाई जाए तब तक पूजा पूर्ण नहीँ मानी जाती थी । इसके लिये सैकड़ो बकरीया एवं भेड़ का बलि प्रदान किया जाता था। परंतु समय के साथ साथ कुरीतियों को भीग्रामीणों ने छोड़ना बेहतर समझा और बलि प्रदान के नियम को समाप्त किया । ग्रामीण रामेश्वर गरेरी , मसॉमात रेसमा दाई , एवं अन्य ने बताया की बलि प्रदान करना किसी जीव के लिये अन्याय था । क्योंकि किसी की जान लेकर हम अपना मनोकामना पूरा नहीँ कर सकते । बलि प्रथा को, कोई धर्म ग्रंथ नहीँ मानती है । इस दकियानूसी प्रथा को सिमरी के ग्रामीणों ने नकार कर एक उदाहरण पेश किया है ।

Share on Google Plus

About आर्यावर्त डेस्क

एक टिप्पणी भेजें
loading...