दुमका : एलईडी की दूधिया रौशनी से बाबा वासुकिनाथ महादेव का दरबार जगमगा उठा है

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वासुकिनाथ (दुमका) से अमरेन्द्र सुमन, दूधिया रंग से रंग गई है बाबा की नगरी, उसपर गेरुवावस़्धारियों का बड़ा हुजूम। देखते ही बनता है नजारा यहाँ का। मंदिर परिषद के चारों ओर प्रतीत होता है स्वर्ग से साक्षात महादेव व पार्वती का आगमन इस पवि़त्र धरती पर हो गया है। पूरे 30 दिनों तक चलने वाले इस विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान बासुकिनाथ धाम में प्रतिवर्ष सावन व भादो माह में हजारों- लाखों की संख्या में श्रद्धालु फौजदारी बाबा बासुकिनाथ पर जलार्पण को आते हैं। यूँ तो आम दिनों में भी फौजदारी बाबा का दरबार भक्तों से भरा रहता है किन्तु श्रावणी मास का नजारा ही कुछ और होता है। चारों दिशाओं से लोगों का आगमन व बाबा के प्रति आस्था का सैलाव किन्तु इन्हीं दो महीनांे के दरम्यान वास्तविक रुप से देखा जा सकता है। इस वर्ष श्रावणी मेला में बासुकिनाथ धाम को पूरी तरह से मोंमेटम झारखंड के तर्ज पर सजा दिया गया है। सड़क, चैक-चैराहा से लेकर गली-मुहल्लो में एलईडी लाईटों से पूरे वातावरण को दूधिया बना दिया गया है। पूरे मेला प्रक्षेत्र में रंग-बिरंगे गेट बनाये गये हैं जो श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। बासुकिनाथ धाम के मुख्य प्रवेश द्वार अर्थात नंदी चैक से लेकर पूरे मेला क्षेत्र व कांवरिया रुट लाइनों में एलईडी की रंग बिरंगी छटा बरबस ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है।  इलेक्ट्रिक पोल में भी एलईडी पट्टा लपेटा गया है जो अंधकार को अपने सामने आने देने से दूर करता है। जगह-जगह पर्याप्त रौशनी की व्यवस्था से पूरे मेला क्षेत्र में देर रात्रि तक भक्त घूमते हुए नजर आते है। पेड़ा, इलाइची दाना, सिन्दूर से लेकर बद्धी, कड़ा, पूजा सामग्रियों से संबंधित दूकानों व श्रृंगार प्रसाधन दुकानों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है।  श्रद्धालुओं के लिये निःशुल्क विश्राम के निमित्त जिला प्रशासन सूचना जनसम्पर्क दुमका द्वारा बनाये गये सभी आवासन केन्द्रों में भी एलईडी लाइट लगाये गये हैं। पूरे मेला क्षेत्र में कब सुबह और शाम होती है यह मेला क्षेत्र से बाहर निकलने के बाद ही पता चल पाता हैं। बासुकिनाथ धाम स्थित शिवगंगा को भी विशेष रुप से सजाया गया है। विदित हो, बाबा पर जलार्पण करने से पूर्व श्रद्धालु भक्त शिवगंगा में आस्था की डुबकी लगाते है फिर बाबा के दर्शनार्थ वे मंदिर की ओर बढ़ते हैं। मेला में एलईडी स्क्रीन से हो रहा है प्रचार-प्रसारः- राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2017 में प्रतिदिन देश के सभी कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं को फौजदारी बाबा पर जलार्पण के लिये बासुकिनाथ धाम पहुँचते हुए देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं को जिला प्रशासन द्वारा तमाम तरह की सुविधाएँ मुहैया करवायी जा रही हैं। पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिये बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएँ की गयी हैं। पूरे मेला क्षेत्र में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा 5 बड़े-बड़े एलइडी स्क्रीन लगाये गये हैं। यह सभी एलईडी स्क्रीन चिन्हित जगहों पर लगाये हैं ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की नजर एलईडी स्क्रीन पर पड़े। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सरकार के लिये जाने की योजनाओं व निर्णयों को दिखाया जा रहा है। एलईडी स्क्रीन के साथ-साथ बड़े-बड़े स्पीकर भी लगाये गए हैं ताकि मेला की व्यवस्था एवं भीड़-भाड़ के बीच की श्रद्धालुओं के बीच संदेश आसानी से सुनाई पड़े। झारखंड के मनोरम दृश्यों का प्रचार-प्रसार इन एलईडी स्क्रीनों के माध्यम से किया जा रहा है। इन माध्यमों से  प्रचार-प्रसार के माध्यम से से झारखंड पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। श्रावणी मेला के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालु इन एलईडी स्क्रीनों में दिखाये जाने वाले पर्यटन केन्द्रों की ओर आकर्षित होंगंे। इन एलईडी स्क्रीनों में उन सारी सरकारी योजनाओं को भी दिखलाया जा रहा है, बिना प्रचार-प्रसार के जो अपने उद्देश्यों की पूर्ति कर रहे हैं। इन एलईडी स्क्रीनों के माध्यम से आम जनता के बीच केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी पहँुचायी जा रही है। केन्द्र एवं व राज्य सरकार की योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच पहँुचाने के लिए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा पूरे मेला क्षेत्र में एलईडी स्क्रीन लगाया गया है ताकि योजनओं का लाभ समाज में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहँुचे। साफ-सफाई का रखा जा रहा पूरा ख्याल:-मासव्यापी श्रावणी मेले के 7 वें दिन पूरे हो चुके है। बाबाधाम में जलार्पण करने के बाद हजारों की संख्या में श्रद्धालु फौजदारी बाबा के दरबार वासुकिनाथ धाम आ रहें हैं। पूरे एक माह तक चलने वाले श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुगण एक अच्छा संदेश लेकर जायें इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सुविधाओं का हर संभव प्रयास किया है। मेला क्षेत्र में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है। मेला क्षेत्र को प्रतिदिन साफ-सुथरा रखा जा रहा है। नंदी चैक से लेकर संपूर्ण मेला क्षेत्र में सफाई कर्मी प्रतिनियुक्त हैं। सभी सफाई कर्मी पूरी ईमानदारी पूर्वक अपने कर्तव्य का निर्वहण करते नजर आ रहे हैं। सभी सफाई कर्मी मध्यरात्रि से साफ सफाई में लग जाते है एवं पूरे दिन मेला क्षेत्र में साफ-सफाई करते नजर आते है। हाथ में कूड़े की ट्राॅली एवं झाड़ू लिये श्रद्धालुओं की सेवा में सभी सफाई कर्मी लगे हुए है। जलार्पण करने के बाद श्रद्धालुगण विश्राम करने के लिये सूचना जनसम्पर्क विभाग द्वारा बनाये गये निःषुल्क आवासन केन्द्र पहँुचते हैं। आवासन केन्द्र को पूरी तरह से रौषनी युक्त एवं हवादार बनाया गया है साथ ही 24ग7 सफाई कर्मी की नियुक्ति की गयी है ताकि श्रद्धालुओं को सफाई के साथ कोई समझौता नहीं करना पड़ें। कुल मिलाजुलाकर सफाई कर्मी की पूरी टीम पूरे मेला क्षेत्र की साफ-सफाई करने में जुडे हुए हैं। अब तक कुल 15, 059 लोगों की हुई निःशुल्क चिकित्सा व्यवस्था:-श्रावणी मेला 2017 में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाये गये विभिन्न चिकित्सा शिविरों में मेला प्रारंभ होने से लेकर अब तक कुल 15, 059 श्रद्धालुओं का निःशुल्क चिकित्सा किया जा चुका है। 16 जुलाई 2017 को कुल 2, 280 श्रद्धालुओं की निःशुल्क चिकित्सा करवायी गई है, जिनमें मुख्य प्रसासनिक शिविर के 469, स्वास्थ्य उपकेन्द्र के 80, स्वास्थ्य शिविर (सूचना मंडप) के 148, स्वास्थ्य शिविर बस स्टैण्ड के 122, वासुकिनाथ रेलवे स्टेशन के 68, रेफरल अस्पताल वासुकिनाथ के 49, राजस्व तहसील कचहरी के 117, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जरमुण्डी के 61, कांवरिया धर्मशाला सहारा के 30, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तालझारी के 29, स्वास्थ्य उपकेन्द्र कटहराटाड़ में 14, स्वास्थ्य शिविर बोगली के 36, स्वास्थ्य शिविर मोतिहारा में 69, स्वास्थ्य शिविर सुखजोरा में 88,  ओआरएस/इमरजेंसी काउन्टर में 83, 14 बुथों पर एन्टी पोलियो वैक्सीन काउन्टर में 734 व चलन्त चिकित्सा वाहन से 83 श्रद्धालुओं की निःशुल्क चिकित्सा व्यवस्था करवायी गई है। 

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